औरैया। बिधूना की बेला ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्य में धांधली सामने आई है। यहां पर खेत पर नाली निर्माण कागजों पर पूरा करते हुए तीन लाख रुपये निकाल लिए गए।
एक ग्रामीण की शिकायत पर जब मनरेगा लोकपाल ने निरीक्षण किया तो मौके पर नाली का निर्माण ही नहीं मिला। ऐसे में अब तीन लाख तक की रिकवरी जारी की गई है।
यह मामला बिधूना की ग्राम पंचायत बेला के मजरा बेला बस्ती का है। यहां पर एक ग्रामीण ने मनरेगा से हुए कामों में बड़े पैमाने पर धांधली होने की शिकायत की थी। इसे लेकर मनरेगा लोकपाल रामलक्ष्मी ने जनवरी माह में गांव का निरीक्षण किया तो खेतों में जल निकासी को लेकर नाली निर्माण का मामला पकड़ा गया।
मौके पर नाली का निर्माण ही नहीं मिला। वहीं, वित्तीय भुगतान देखने पर पता चला कि नाली निर्माण के लिए तीन लाख से ज्यादा की धनराशि निकाल ली गई।
अब इस मामले को लेकर जांच रिपोर्ट बनाकर मनरेगा लोकपाल ने तीन लाख से ज्यादा की रिकवरी समेत पूरी चिट्ठी सीडीओ संतकुमार को भेजी है। ऐसे में ग्राम प्रधान राकेश सिंह और सचिव की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बीडीओ जारी करते हैं भुगतान
मनरेगा के तहत गांवों में होने वाले विकास कार्यों के लिए बीडीओ स्तर से भुगतान होता है। ऐसे में धरातल पर बिना काम हुए भुगतान हो जाना अपने आप में कर्मचारियों से लेकर ब्लॉक के अधिकारियों पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि अब रिकवरी को लेकर डीएम के पास पूरा मामला जाएगा।
बेला बस्ती में मनरेगा लोकपाल ने जांच की थी। रिकवरी से संबंधित रिपोर्ट बनी है। अब डीएम के पास इसे भेजा जा रहा है। जो काम नहीं हुआ है, उसके भुगतान की रिकवरी की जाएगी।
-संतकुमार, सीडीओ