लोकसभा चुनाव में सपा के गढ़ में मोदी लहर पर सवार होकर भले ही अशोक दोहरे ने अपनी पहचान को विशिष्ट बनाते हुए जीत हासिल कर ली। लेकिन अपने पैतृक गांव में सगे भाई को प्रधानी का ताज पहना पाने में सांसद अफसल रहे।
हैदरपुर ग्राम पंचायत का पिटारा खुलते ही समर्थक जहां हार जीत की जुगत में लगे रहे तो वहीं चर्चाओं का बाजार भी गर्म रहा। जहां सर्वाधिक मत पाने वाले प्रत्याशी चुन्नी देवी पत्नी ग्रीस नारायण दुबे ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 116 मतो से पराजित किया तो वही सांसद अशोक दोहरे के भाई संजय कही भी मुकाबले में नजर नहीं आये।
गौरतलब है कि मतदान के पूर्व अशोक दोहरे ने रात दिन एक करते हुए घर घर जाकर अपनी प्रतिष्ठा बचाने की अपील का कोई असर परिणाम पर नहीं पड़ा। विरोधी प्रत्याशी लगातार सांसद पर शराब और पैसे से वोट खरीदने का आरोप भी लगाते रहे।
सदर विधायक की भाभी हारी
अजीतमल। पंचायत चुनाव मे दिग्गजों को करारी हार मिली है। ग्राम पंचायत बिरूहूनी में सदर विधायक मदन सिंह गौतम की भाभी व प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष देवी दयाल दोहरे की पत्नी राजेश्वरी देवी को चुनाव मे करारी हार का सामना करना पड़ा। ज्ञात हो सदर विधायक मदन गौतम ने ग्राम पंचायत जगदीशपुर रतनीपुर से अपनी पत्नी संन्तोष कुमारी को निर्विरोध प्रधान कराने में सफलता हासिल की है। वही अपनी भाभी राजेश्वरी देवी की हार को नही बचा सके है।
लाटरी से चुने गए प्रधान
अजीतमल। रविवार को आये चुनाव नतीजो में ग्राम पंचायत चांदपुर ककरैया में दो प्रत्याशी जय नारायण तिवारी व यशकरन सिंह को बराबर मत मिले तो उनका नतीजा लाटरी से निकाला गया। इसमें जय नारायण तिवारी फिर से प्रधान बने।