अजीतमल (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र में दहेज के विवाद में शादी टूटने के मामले में दर्ज मुकदमे का रविवार को अनोखा अंत देखने को मिला। मामले में कन्या पक्ष ने दूल्हे और उसके परिवार के 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
ऐसे में पुलिस ने दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए वांछित युवक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। आपसी सहमति से समझौता हो गया और रविवार को कस्बा अजीतमल स्थित शीतला माता मंदिर में युवक-युवती का विवाह करा दिया गया।
नगला सिमर निवासी लाल सिंह ने अपनी पुत्री नेहा गौतम की शादी इटावा जनपद के महेवा निवासी आकाश प्रताप सिंह के साथ आठ मार्च को तय की थी। आरोप है कि शादी से पहले अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था। इस पर लड़की पक्ष की ओर से कोतवाली अजीतमल में आकाश प्रताप सिंह समेत 13 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
शनिवार को आकाश दरोगा भर्ती परीक्षा देने के लिए कायमगंज (फर्रुखाबाद) गया था, लेकिन इससे पहले ही वहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अजीतमल कोतवाली ले आई। इसके बाद दोनों पक्षों की मौखिक बातचीत कराई गई और आकाश ने परीक्षा दी। बाद में दोनों पक्षों और समाज के कुछ लोगों की मध्यस्थता से देर तक चली वार्ता के बाद दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया और विवाह के लिए राजी हो गए।
समझौते के बाद रविवार को कस्बे के शीतला माता मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ युवक-युवती का विवाह कराया गया। विवाह के दौरान दोनों परिवारों के लोग और क्षेत्र के कुछ गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। दोनों परिवारों ने बताया कि सोमवार को विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए कोर्ट मैरिज भी कराई जाएगी, ताकि विवाह को कानूनी मान्यता मिल सके।
कोतवाली अजीतमल के प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि दहेज को लेकर शादी से इन्कार किए जाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने वांछित आरोपी युवक को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई, जिसमें आपसी सहमति से समझौता हो गया और दोनों का विवाह करा दिया गया। वहीं मुकदमा वापस ले लिया गया है।