इस समय मौसमी फल खरबूजे की बाजार में बहार है। सुबह से ही बाजार में सड़क किनारे खरबूजा खरीदने वालों की भीड़ उमड़ती है। इस समय शहद की तरह मीठे मधु प्रजाति के खरबूजों की धूम मची हुई है।
दिबियापुर एवं आसपास के क्षेत्र में कुछ वर्षों पूर्व तक समीपस्थ ग्राम ताजपुर के मीठे खरबूजों की प्रसिद्धि थी। मीठे होने के कारण लोग इन खरबूजों को खासा पसंद करते थे। खरबूजे बेचने वालों का कहना है कि अब ताजपुर क्षेत्र में लोगों ने खरबूजों की कम पैदावार कर दी है। अब बिझाई क्षेत्र के खरबूजे प्रसिद्धि पा रहे हैं।
खरबूजे विक्रेता राम किशोर का कहना है कि मधु प्रजाति के मीठे खरबूजे लोगों की जुवान पर आ चुके हैं। इसके साथ ही मधुर, खैरा आदि प्रजातियां लोगों को भा रही हैं। मधु प्रजाति के खरबूजे 15 से 20 रुपये किलो तक बिक रहे हैं, जबकि अन्य प्रजातियों के खरबूजे 12 से 15 रुपये किलो तक ही मिल जाते हैं।
जानकार बताते हैं कि खरबूजे कई बीमारियों के उपचार के लिए रामबाण साबित होते हैं।