औरैया। पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी सुनील कुमार को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 15 साल की सजा सुनाई।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दोषी ने मासूम को नौकरी का प्रलोभन देकर न केवल उसे उसके घर से दूर किया बल्कि उसके साथ दुष्कर्म भी किया।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है। 18 फरवरी 2020 को एक गांव निवासी ग्रामीण ने पुलिस को बताया था कि उसकी 17 वर्षीय बेटी 15 फरवरी की रात अपनी मौसी को खाना देकर लौट रही थी। तभी गांव के ही सुनील कुमार ने उसे अगवा कर लिया। आरोप था कि इस साजिश में अंशु नाम के युवक ने भी उसका साथ दिया था।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत में पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी उसे नौकरी का झांसा देकर लखनऊ ले गए थे। वहां उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने धमकी देकर उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए थे। न्यायाधीश ने फैसले में स्पष्ट किया कि आरोपी का इरादा कभी विवाह करने का नहीं था बल्कि वह केवल किशोरी के शारीरिक शोषण की मंशा रखता था।
साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पुख्ता मानते हुए अदालत ने सुनील कुमार को दोषी करार दिया। कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई। वहीं 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
औरैया। अजीतमल थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ ओयो होटल में हुए दुष्कर्म के चर्चित मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी प्रांशु की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दलीलों को सुनने के बाद निर्णय सुनाया।
मामला 18 नवंबर 2025 का है। वादिनी ने आरोप लगाया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी स्कूल जाने के बहाने निकली थी, जिसे आरोपी प्रांशु अपहरण कर कोतवाली क्षेत्र के एक ओयो होटल ले गया। आरोप है कि वहां आरोपी ने होटल के कमरे के बाहर निगरानी की जबकि मुख्य आरोपी दीपेंद्र ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
सोमवार को मामले में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी पर किशोरी के साथ किए गया अपराध गंभीर है। इसके बाद आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। (संवाद)
रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग वाली अर्जी खारिज
औरैया। सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए अदालत में लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पुलिस की आख्या में घटनास्थल जिले के बाहर कानपुर देहात के थाना अमराहट क्षेत्र में पाया गया है।
कानपुर देहात के थाना राजपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। प्रार्थी का आरोप था कि 21 मई 2026 की रात करीब आठ बजे वह जैतापुर से अपने बेटे और बहू के साथ घर लौट रहा था। प्रार्थी का आरोप था कि गांव खोजाफूल के पास विपिन कुमार, राजू, उमा देवी और सुमन देवी ने उसे रोक लिया।
प्रार्थी ने आरोपियों पर चाकू व डंडों से हमला करने, बहू के साथ छेड़खानी करने, आभूषण लूटने और तमंचे के बल पर 20 हजार रुपये छीनने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने सदर कोतवाली पुलिस की ओर से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया। मामले में अदालत ने पुलिस से आख्या तलब की।
पुलिस की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि कथित घटना का घटनास्थल गांव खोजाफूल है जो थाना ममराहट, कानपुर देहात के है। सोमवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र महेश कुमार ने शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। (संवाद)