दिबियापुर (औरैया)। ढाई साल की उम्र में सिर से पिता का साया उठ गया। दादा-दादी ने परवरिश की। दादी के निधन के बाद मां को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिली। उन्होंने अपनी लाडली तान्या को आगे पढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई।
इस बेटी ने अब यूपीएससी की परीक्षा में कामयाबी हासिल कर घर में खुशियां बिखेरी हैं। तान्या ने 720वीं रैंक हासिल की है। तान्या सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में जिला टॉपर रह चुकी हैं।
दिबियापुर के इंदिरा नगर के रहने वाले स्व. कृष्ण गोपाल गुप्ता की होनहार बिटिया तान्या गुप्ता बचपन से ही बड़ी अफसर बनने का सपना पाले थीं। ढाई साल की उम्र में पिता के निधन के बाद उनकी परवरिश उनके दादा रमेश उर्फ मुन्नू लाल गुप्ता और दादी प्रमोद गुप्ता ने की।
वहीं, मां रेखा गुप्ता ने भी उनकी परवरिश में कोई कसर नहीं छोड़ी। भारतीय इंटर कॉलेज में लेक्चरर रहे पिता की इस होनहार बिटिया ने यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में 720वीं रैंक हासिल की है।
दिबियापुर के ही एनटीपीसी के सेंट जोसेफ स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई के दौरान उसने इंटर की परीक्षा में जिला टॉप किया था। इसके बाद उसने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से स्नातक किया। इसके बाद वह लगातार यूपीएससी की तैयारी में जुटी रहीं।
अब उनकी मेहनत का नतीजा आया तो परिवार में खुशियां छा गईं। तान्या गुप्ता के चाचा कस्बे के वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. श्याम गुप्ता के मुताबिक तान्या लगातार सात साल से सिविल सेवा की तैयारी कर रही थी। पांचवीं कोशिश में उन्हें कामयाबी मिली है।
दादा मुन्नू लाल गुप्ता के मुताबिक ढाई वर्ष की उम्र में ही तान्या के पिता का बीमारी के चलते निधन हो गया था। दादी प्रमोद गुप्ता सहार सीएचसी में एएनएम थीं। उनके निधन के बाद तान्या की मां रेखा गुप्ता को उनकी जगह पर स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिल गई थी।
तान्या की मां ने बताया कि तान्या से बड़ा एक बेटा एकांश है। एमटेक की पढ़ाई के बाद वह हैदराबाद में नौकरी कर रहा है। उन्होंने बताया कि तान्या अभी दिल्ली में ही है। उसी ने मंगलवार की दोपहर फोन करके अपनी कामयाबी की जानकारी दी। उसके बाद से परिवार में खुशी का माहौल है। सभी लोग बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं।