चौथे चरण की नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद औरैया और अजीतमल ब्लाकों में चुनाव प्रचार उठान पकड़ता जा रहा है। ऐसे में प्रचार में लगे प्रत्याशियों के समर्थक बने नजर आ रहे छुटभैयों की निकल पड़ी है। प्रत्याशी के खर्च पर वोट पक्के करने को निकल रहे यह मिनी नेता अपने आका से ज्यादा दिसंबर माह में संभावित ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य चुनावों को लेकर खुद की जमीन तैयार करते नजर आ रहे हैं।
10 अक्तूबर को चौथे चरण की नामांकन प्रक्रिया समाप्त होते ही औरैया और अजीतमल ब्लाकों में उम्मीदवारों का प्रचार अभियान गुजरते दिनों के साथ गति पकड़ता जा रहा है। अधिकांश दावेदारों की ओर से खोले जा चुके चुनाव कार्यालय तो सुबह से गुलजार तो नजर आ ही रहे हैं।
वहीं इन कार्यालयों से प्रचार वाहनों के जत्थे भी जीत पक्की करने के लिए गांवों की ओर रुख किये हुए हैं। प्रचार के इस दौर में दावेदारों के समर्थकों की भीड़ में ग्राम पंचायत व उनके वार्डों से संबद्ध ऐसे भी कार्यकर्ता हैं, जो अपने-अपने गांवों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य बनने की चाहत रखते हैं। वोट फिक्सिंग के इस खेल में यह छुटभइये भला क्यों पीछे रहें। अपने आकाओं के प्रति समर्पण की भावना लेकर निर्वाचन क्षेत्र में निकलने वाले यह मिनी नेता आकाओं के प्रचार-प्रचार की आड़ में गांवों में खुद का टेंपो हाई करने में लगे हैं।
प्रत्याशियों की ओर उपलब्ध कराई गई लक्जरी गाड़ियों में यह मिनी नेता वोट पक्के करने के बड़े-बड़े बोल बोलकर प्रचार के लिए उनसे ही खर्च-पानी लेकर क्षेत्रों में अपनी हनक बनाते दिखाई दे रहे हैं।