औरैया। एक जनपद एक व्यंजन के तौर पर हुआ बालूशाही का चयन अब जिले के विकास की राह खोलेगा। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र ने शासन की इस योजना के तहत ऋण देने की तैयारी शुरू कर दी है।
कारोबार के इच्छुक और व्यवसाय बढ़ाने के लिए प्रतिष्ठान संचालकों को अनुदान पर ऋण मुहैया कराया जाएगा। यही नहीं जिला उद्योग केंद्र उनकी प्रत्येक स्थिति में मदद भी करेगा।
जिले में बालूशाही ने खास व्यंजन के तौर पर जगह बनाई है। शहर के कुछ प्रतिष्ठानों पर बनने वाली बालूशाही देश-विदेश में भी लोगों को भा रही है। ऐसे में इस बालूशाही के कारोबार को वृहद करने के लिए जिला प्रशासन ने एक जनपद एक व्यंजन योजना में इसे शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब जिला उद्योग केंद्र इस कारोबार को बढ़ाने की रणनीति बना रहा है।
इसके पहले चरण में कारोबारियों को अनुदान पर ऋण मुहैया कराने की तैयारी बनाई है। इसके लिए पोर्टल पर उद्यमियों के आवेदन मांगे जा रहे हैं। इस अनुदान आधारित ऋण में मार्जिन मनी को 10 से 25 प्रतिशत तक जगह दी गई है। दो साल तक व्यवसाय अच्छा चलने पर यह धनराशि उद्यमी के खाते में पहुंच जाएगी। बालूशाही बनाने के कारोबार से जुड़े लोगों को यह योजना संजीवनी देने का काम करेगी। इस धनराशि के जरिए वो अपने कारोबार को और बढ़ा कर सकेंगे। साथ ही बालूशाही के नए कारीगरों के लिए भी अवसर बनेंगे।
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ऋण के अनुसार तय होगी मार्जिन मनी
बालूशाही के कारोबार के लिए ऋण का आवेदन करने वाले प्रतिष्ठान संचालकों को कुल लागत के अनुसार मार्जिन मनी का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने 25 लाख तक के ऋण के लिए 25 प्रतिशत का अनुदान तय किया है। 25 से 50 लाख तक के ऋण के लिए 20 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। 50 लाख से डेढ़ करोड़ के ऋण पर 15 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। वहीं डेढ़ करोड़ से ज्यादा के ऋण पर 10 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। दो साल तक व्यवसाय के अनवरत जारी रहने पर यह अनुदान सरकार द्वारा खाते में भेजा जाएगा।
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एक जनपद एक व्यंजन के तहत बालूशाही के कारोबार के लिए अनुदान आधारित ऋण दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। कारोबारी इस ऋण के जरिए अपना व्यवसाय बढ़ा सकते हैं।-देवेश चौहान, उद्यमी मित्र