औरैया। इन्वेस्ट यूपी के जरिए बनाए जा रहे औद्योगिक विकास के माहौल से जिले की प्लास्टिक सिटी के दिन बहुरने लगे हैं।
यही वजह है कि एक दशक बाद यहां करीब 10 कंपनियों के निर्माण और चार के संचालन की कवायद पूरी हो गई है। वहीं हाल ही में सालों से खाली पड़े 55 प्लॉटों का आवंटन भी कर दिया गया है। ऐसे में अब 188 कंपनियों के बनने का रास्ता साफ हो गया है।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी और एमओयू साइन करने के 1500 करोड़ के लक्ष्य के लिए इन्वेस्ट यूपी की टीम लगातार उद्यमियों को जिले में निवेश को बुला रही है। हाल ही में प्लास्टिक सिटी से अनुबंध ने उद्योगों के लिए बड़ा माहौल बनाया है। जिले में ककोर मुख्यालय समीप कंचौसी रोड पर वर्ष 2012 में प्लास्टिक सिटी के निर्माण का खींचा गया खाका अब आकार लेने लगा है।
प्लास्टिक सिटी में 175 एकड़ में 332 प्लॉट हैं। इसमें से 254 प्लॉट जनरल कंपनियों के हैं जबकि 78 प्लॉट प्लास्टिक कंपनियों के लिए आरक्षित हैं।
इसके सापेक्ष एक दशक बाद भी 133 प्लॉटों का उद्यमियों को आवंटन हो सका था। हाल ही में इन्वेस्ट यूपी की ओर से बनाए गए माहौल के बाद यूपीसीडा की ओर से आवंटन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। दो माह के अंदर यहां पर 55 और प्लॉटों का आवंटन कर दिया गया है। ऐसे में अब 188 प्लॉटों पर कंपनियां बनने का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि अभी भी खाली पड़े 144 प्लॉटों का आवंटन होना बाकी है। हालांकि यूपीसीडा के अगले आवंटन में उद्यमियों की संख्या और बढ़ेगी। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि प्लास्टिक दाने की उपलब्धता पहले के मुकाबले अब बेहतर हो गई है। गेल के एमओयू के बाद शुरू हुए पॉलीप्रोप्लिन प्लांट ने यह सहूलियत दी है।
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1940 रुपये प्रति वर्ग मीटर है रेट
यूपीसीडा की ओर से प्लाटों की आवंटन को लेकर साक्षात्कार की व्यवस्था अपनाई जा रही है। इसमें उद्यमी के द्वारा बनाई गई रणनीति से लेकर कई बिंदुओं को परखा जाता है। साथ ही 1940 रुपये प्रति वर्ग मीटर के रेट से प्लॉट का आवंटन किया जा रहा है। उद्यमी भाव ज्यादा होने के बाद भी अब आंवटन के लिए आगे आ रहे हैं।
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इन्वेस्ट यूपी के जरिए प्लास्टिक सिटी में ज्यादा से ज्यादा उद्यमियों को निवेश के लिए लाया जा रहा है। 55 प्लॉटों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अभी भी 144 खाली पड़े प्लॉटों को आवंटन होना बाकी हैं।-देवेश सिंह चौहान, उद्यमी मित्र, यूपी इन्वेस्ट