औरैया। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोष साबित होने पर न्यायालय ने दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख का जुर्माना भी किया गया है। जिसकी आधी धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया गया है। मामले में दोषी व पीड़ित परिवार के मध्य समझौता भी हो गया था।
मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि वादी ने थाना दिबियापुर में 11 जून 2020 दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि दिन के तीन बजे उसकी 13 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। तभी उसके परिवार का ही हरिश्चंद्र (43) निवासी गलुआपुर दहगंाव घर में घुस आया और पुत्री के साथ दुष्कर्म किया।
पिता जब घर पर लौटा तो बेटी ने अपनी आप बीती सुनाई। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो और दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की। मामला चार्जशीट के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधि.) मनराज सिंह की कोर्ट में पहुंचा।
न्यायालय में जब जिरह शुरू हुई तो मुल्जिम के परिवार व पीड़िता के परिवार में समझौता भी हो गया। इसके बाद भी दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को नाबालिग के साथ दुष्कर्म का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास के भी आदेश दिए। डीबीए प्रवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों व पुर्नवास की पूर्ति के लिए देने का आदेश दिया।