औरैया। लेखपाल संघ के बैनर तले आठ सूत्री मांगों के निस्तारण में शासन द्वारा रुचि न लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 10 दिसंबर से कार्य बहिष्कार करने का ऐलान किया है। लेखपालों ने समाधान दिवस में डीएम को एक ज्ञापन देकर जानकारी दी।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार व मंत्री अशोक कुमार ने कहा कि एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पेंशन विसंगति, मोटर साइकिल भत्ता, पदोन्नति आदि मार्गों पर शासन से सहमति के बावजूद शासनादेश न होने के कारण लेखपाल संघ पांच अक्टूबर, पांच नवंबर से आंदोलनरत है। प्रदेश में वर्षों से लेखपालों के 7694 पद रिक्त चल रहे हैं। जिससे तैनात लेखपालों को अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है। इससे 240 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हो रही है। इसके बाद भी शासन के वित्त विभाग द्वारा लेखपाल संवर्ग को वेतन, भत्ते विसंगति आदि की मांग को लटकाया जा रहा है। कई बार लिखित और मौखिक रूप से शासन के अधिकारियों से वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। जिसको लेकर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। पांच दिसंबर को सांसद व विधायकों को मुख्यमंत्री से संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। 10 से 12 दिसंबर तक तहसील स्तर पर लेखपाल धरना देंगे। 13 दिसंबर से 26 दिसंबर तक लेखपाल कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालय पर दस बजे से शाम चार बजे तक धरना देंगे। 27 दिसंबर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। अध्यक्ष व मंत्री के नेतृत्व में डीएम अभिषेक सिंह को इस आशय का ज्ञापन तहसील परिसर में मंगलवार को सौंपा गया।