अस्पताल में बच्चों को देखते डॉ. कृपाराम।
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बिधूना। भीषण गर्मी ने कई सालों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। पिछले साल जहां अप्रैल माह का औसत तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस रहा था, वहीं इस बार अप्रैल में ही तापमान का ग्राफ बढ़कर 41 डिग्री सेल्सियस या उसके पार हो रहा है।
बच्चे गर्मी की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। गर्मी का सीधा असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। तपिश के चलते लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो रहे हैं। सीएचसी बिधूना के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कृपाराम ने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी में बाल रोगियों की संख्या बढ़ी है। रोजाना औसतन रोज 20 से 25 मरीज आ रहे हैं।
बताया कि बच्चों को ताजा भोजन दें। तली चीजें न दें। चावल, सब्जी आदि रखी हुई चीजों का सेवन बच्चों को न कराएं। बच्चों को दस्त उल्टी आदि होते ही ओआरएस घोल दें। सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि गर्मी अधिक पड़ रही है, जिससे डायरिया के मरीज भी आ रहे हैं। मरीजों को ओआरएस घोल भी दिया जा रहा है।
अस्पताल का शौचालय खराब, गर्भवती परेशान
बिधूना। मातृ शिशु अस्पताल में शौचालय चोक होने पर प्रसव को आने वाली महिलाओं को शौचक्रिया के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि कई बार अधीक्षक से शिकायत की जा चुकी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। जबकि अस्पताल में 10 से 12 प्रसव प्रतिदिन हो रहे हैं। ऐसे में महिलाओं के साथ तीमारदारों को भटकना पड़ता है। बुधवार को पाइप खराब होने पर पानी अस्पताल में नहीं पहुंच सका है। इससे आग बुझाने के लिए लगाए गए पाइपों के पानी से काम चला गया। (संवाद)