औरैया। शहर की पुरानी कलक्ट्रेट स्थित कांशीराम कॉलोनी में रह रही 3000 की आबादी को इन दिनों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दो दशक पहले विकसित हुई जर्जर कॉलोनी में अभी तक मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। ऐसे में बिल्डिंग के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, कॉलोनी में गंदगी की भरमार है। फुटपाथ पर भी गंदगी फैली है।
दो दशक पहले बसपा सरकार में शहर के बीचोंबीच पुरानी कलक्ट्रेट परिसर में कांशीराम कॉलोनियां बनवाई गई थीं। इसमें 500 से ज्यादा आवासों में करीब तीन हजार से ज्यादा लोग निवास करते हैं। इस कॉलोनी में जलनिकासी के लिए छोटी-छोटी नालियां और पतली सड़कों का निर्माण कराया गया था। कॉलोनी की जलनिकासी के लिए गौरैया तालाब की तरफ नाला भी बनवाया गया था, मगर नालों की नियमित सफाई न होने से जलनिकासी ठप है।
स्थानीय लोगों की ओर समय-समय पर कॉलोनी कैंपस में सफाई को लेकर पालिका में समस्या भी उठाई जाती है। सफाई अभियान चलने के कुछ दिन बाद फिर से गंदगी फैल जाती है। बिल्डिंगों में बिछी सीवरेज लाइनें और पाइप जर्जर हो चुके हैं।
ऐसे में बिल्डिंगों पर नमी के चलते पेड़-पौधे उग आए हैं। खिड़कियों पर लगे छज्जे लटक रहे हैं। नमी के चलते छतों का प्लास्टर भी उखड़कर गिर रहा है। छत की सरिया साफ-साफ नजर आ रही है। स्थानीय लोगों की ओर से कॉलोनी की मरम्मत को लेकर अक्सर मांग उठाई जाती है लेकिन इस दिशा में कोई खास कदम नहीं उठाया जा सका है।
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बोले लोग-सालों से नहीं हुई मरम्मत
फुटपाथ तक गंदगी
कॉलोनी के परिसर में फुटपाथ तक गंदगी फैली हुई है। सफाई कर्मी केवल खानापूर्ति करते हैं। भवनों में सालों से मरम्मत नहीं हुई है। टूट-फूट की मरम्मत हो जाए तो ठीक रहेगा।-मुकेश कुमार
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लटक रहे टूटे छज्जे
कॉलोनी में छज्जे टूटकर लटक रहे हैं। छत का प्लास्टर भी टूट रहा है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है। जलनिकासी और भवनों की मरम्मत हो जाए तो समस्या दूर हो जाएगी।-अवधेश कुमार
कांशीराम कॉलोनी के भवनों की मरम्मत को लेकर प्लान बनाकर मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा गया है। बजट की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। फिर भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे। इसके लिए कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं।-अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष औरैया
फोटो-1- कॉलोनी में फुटपाथ पर फैली गंदगी के बंद पड़ा रास्ता। संवाद
फोटो-1- कॉलोनी में फुटपाथ पर फैली गंदगी के बंद पड़ा रास्ता। संवाद