दोहरे हत्याकांड में 19 अगस्त को एमपी-एमएलए कोर्ट ने कमलेश पाठक, उसके गनर अवनीश प्रताप सिंह समेत 10 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अवनीश जिले के यूपी-112 में तैनात था। कोर्ट से सजा मिलने के बाद एसपी ने उसे निलंबित कर दिया था। शुक्रवार को एसपी ने उसे बर्खास्त कर दिया।
15 मार्च 2020 को शहर के मोहल्ला नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में दिन दहाड़े अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की हत्या कर दी गई थी। मंजुल के भाई आशीष चौबे की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके दो भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक व रामू पाठक, कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ला, गनर अवनीश प्रताप सिंह, ड्राइवर लवकुश सविता, आशीष दुबे, शिवम अवस्थी व रविंद्र चौबे पर आरोप लगे थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घटना के बाद गनर अवनीश प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया था। मई 2025 में हाईकोर्ट के आदेश पर उसको बहाल कर दिया। जब से वह यूपी-112 में अपनी सेवाएं दे रहा था। 19 अगस्त को कोर्ट ने 10 आरोपियों को उम्रकैद की सुनाई। आदेश आते ही अवनीश प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया था। वहीं, अब उसे बर्खास्त कर दिया गया है।