गुरुवार को जिले के ज्यादातर हिस्सों में झमाझम बरसात हुई। बारिश से फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे।
गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। वहीं, जलनिकासी का इंतजाम न होने से जगह-जगह जलभराव से लोगों को काफी दुश्वारी भी झेलनी पड़ी।
दुकानों के बाहर पानी भरने से दुकानदारों व ग्राहकों को आने जाने में दिक्कत हुई। गलियों में पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि बारिश के चलते गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री और न्यूनतम 27.1 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को तेज धूप निकलने के साथ ही तापमान 37 डिग्री तक पहुंचने के आसार जताए हैं।
बिधूना में बारिश ने नगर पंचायत प्रशासन की सफाई अभियान का पोल खोल दिया। बारिश से कस्बे के फीडर रोड पर बने नाले का पानी न निकल पाने के कारण पानी सड़क पर भर गया। इससे लोगों को दिक्कतें हुईं।
इस मार्ग के दुकानदारों ने नाले की सफाई न होने की शिकायत की। नगर पंचायत अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि नाले की सफाई कराई जा रही है।
भगत सिंह चौराहे पर सड़क के नीचे डाले गए दोनों नाले का सही मिलान न होने के कारण पानी नहीं निकल पाता इसके लिए अधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं, बारिश से मक्का की फसल को लाभ हुआ है। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
सहायल कस्बे के अंसु चौराहा, सहायल तिराहे, बाजार, थाना मार्ग पर जलभराव से लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि कई दिनों से गर्मी व उमस से बेहाल लोगों को बारिश से राहत मिली।
बारिश से किसानों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। बारिश के बाद किसान धान, ज्वार, अरहर, उड़द, मूंग, मक्का आदि फसलें बोने की तैयारी में जुटे। एक घंटे की बारिश से कंचौसी-लहरापुर मार्ग समेत कई स्थानों पर जलभराव से ग्रामीण परेशान हुए।
अछल्दा क्षेत्र के गांव दलीपपुर में एक महीने से नालियो की सफाई न होने से बारिश का पानी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया। तेज बारिश से नालियों के भरे गंदे पानी से होकर ग्रामीणों को निकलने को मजबूर होना पड़ा।