बेला। होली का त्योहार करीब आते ही साइबर अपराध जगत के ठग भी लोगों को लुभावने ऑफर देकर अपने जाल में फंसाने के लिए तैयार हो गए। होली विशेष ऑफर या कई तरह के इनाम व इनामी धनराशि जीतने का सांझा देकर शातिर सेकेंडों में लोगों की गाढ़ी कमाई समेट ले जाते हैं। साइबर एक्सपर्टों का कहना है कि त्योहार पर फर्जी ऑफरों की धूम रहती है। सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह जल्दबाजी व लालच के चक्कर में ठगी का शिकार न हो जाएं।
बेला थाना प्रभारी जीवाराम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यदि किसी वेबसाइट से आपको भारी छूट का ऑफर मिल रहा है तो उनके झांसे में न आएं। नहीं तो अपनी जमा पूंजी गंवाने के साथ ही बैठे बैठाए होली का त्योहार भी खराब लेंगे। इतना ही नहीं क्लोन वेबसाइट भी लोगों को शिकार बनाने की फिराक में है।
उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में साइबर ठग नामीगिरामी कंपनियों से मिलते-जुलते नामों से आईडी व वेबसाइट बनाकर सक्रिय हो जाते हैं। लोग जल्दबाजी व लालच में आकर ऑनलाइन ऐसे फर्जी ऑफरों को स्वीकार कर मांगा गया अपना पूरा ब्योरा भी देते हैं। ब्योरा हासिल होते ही उनके अकाउंट से रुपये कटकर शातिर ठक के खाते में चले जाते हैं। साथ ही खरीदा गया सामान हाथ नहीं लगता। जब तक खुद को ठगे जाने का पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। ऐसे में ऑनलाइन खरीदारी करते समय व लुभावने ऑफर स्वीकारने में जल्दबाजी ने करें।
केस-1 कस्बा बेला निवासी योगेश कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन पहले सोशल मीडिया पर टैग लाइन ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की तरफ से मोबाइल पर एक संदेश भेजा गया। इसके बाद फोन पर कॉल आई। फोन करने वाले ने ऑफर जीतने के लिए धनराशि मांगी।
केस-2 पटना गांव निवासी राहुल ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक कंपनी से ऑनलाइन सामान मंगवाया था। डिलीवरी के बाद बॉक्स खोलकर देखा दो मंगवाए सामान की जगह दूसरा सामान था। अब कंपनी भेजा माल वापस भी नहीं ले रही है।
साइबर एक्सपर्ट की सलाह, ऐसे करें बचाव
1. फर्जी वेबसाइट की पहचान कर फर्जी ऑफर के झांसे में न आएं।
2. किसी भी अप्रत्याशित ऑफर पर कंपनी की वेबसाइट अवश्य देखें।
3. फर्जी लिंक बिल्कुल न खोलें और न ही उसकी किसी तरह की पड़ताल करें।
4. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आए अनजान लिंक खोलने से बचे।
5. अनुपयोगी मोबाइल ऐप को हड़बड़ी में आकर डाउनलोड न करें।
6. भुगतान करने के लिए ऑनलाइन का विकल्प बेहतर है।