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छह सालों से बनी खड़ी साघन सहकारी समिति की इमारत हो रही जर्जर

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औरैया। मुरादगंज के बिरूहूनी में 2015 में बनाई गई साधन सहकारी समिति संचालन शुरू हुए बिना ही जर्जर हो रही है। हाल ये है कि समिति बंद होने से खाद-बीज के लिए किसानों को आठ से दस किलोमीटर दूर तक दौड़ लगानी पड़ती है। बावजूद इसके उनकी समस्या का निदान नहीं हो सका है। जिम्मेदार इसके पीछे कर्ज को वजह बता रहे हैं। एआर कोआपरेटिव ने जल्द समिति का संचालन शुरू कराने की बात कही है।
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बिरूहूनी में पूर्व में बनी साधन सहकारी समिति की इमारत जर्जर होने के बाद उसे ध्वस्त करा दिया गया था। 2015 में कार्यदायी संस्था नेफेड प्रखंड इटावा ने नई साधन सहकारी समिति का निर्माण कराया। जिस पर लाखों रुपये खर्च हुए थे। लेकिन इमारत बनने के छह साल बीतने के बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। इस कारण किसानों को खाद-बीज के लिए दूर जाना पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक इस समिति पर बैंक का लाखों रुपये कर्ज होने के कारण कोई भी इसके संचालन का जिम्मा लेने से कतरा रहा है। इसका खामियाजा किसानों को झेलना पड़ रहा है।
किसानों ने बताई समस्या
बिरूहूनी गांव निवासी किसान आशीष दुबे ने बताया कि सरकार एक ओर किसानों को हर सुविधा देने की बात कह रही है तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीणांचल के किसानों को गांव में साधन सहकारी समिति की इमारत तैयार खड़ी होने के बाद भी कई किलोमीटर तक की दौड़ लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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किसान नित्यानंद पांडेय ने कहा कि कोऑपरेटिव विभाग छह साल से किसानों की परेशानी की अनदेखी कर रहा है। इसके कारण किसानों को खासी दिक्कत उठानी पड़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से सहकारी समिति का संचालन शुरू कराने की मांग की है।
साधन सहकारी समिति बिरूहूनी पर बैंक का काफी कर्जा है। इसके संचालन के लिए कई बार प्रयास किए गए लेकिन कर्जा होने के कारण कोई तैयार नहीं हो रहा है। हालांकि रोशंगपुर में तैनात प्रभारी सचिव अशोक यादव से बात कर ली गई है। जन्माष्टमी के बाद साधन सहकारी समिति बिरूहूनी का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। ताकि किसानों को इसका पूरा लाभ मिल सके। - कमल कांत मिश्रा, एआर कोऑपरेटिव
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