फफूंद (औरैया)। ‘साइकिलिंग’ सेहत को फिट रखने के लिए सबसे दुुरुस्त एक्सरसाइज। अब टीनएजर्स और युवाओं में साइकिल का शौक बढ़ रहा है। एक समय तक निचले तबके की जरूरतों को पूरा करने वाली साइकिल ने अब हर वर्ग के लोगों के दिलों में जगह बना ली है।
साइकिल चलाना अब मजबूरी नहीं बल्कि जरूरत है। स्कूल वाहन के महंगे खर्चे से बचने के लिए अभिभावक भी बच्चों की ख्वाहिश पूरी कर रहे हैं। साइकिल दुकानदारों का कहना है कि बाजार में पहले की अपेक्षा अब रेंजर साइकिल की डिमांड ज्यादा है।
साइकिल विक्रेता मदन मोहन तिवारी ने बताया कि रेंजर में डबल डिस्क ब्रेक, शॉकर, पॉवर ब्रेक और मोटे टायरों की साइकिल युवाओं की पहली पसंद है। विभिन्न कंपनियों की यह साइकिलें पांच से लेकर 15 हजार तक के रेट व रेंज के अनुसार बाजार में उपलब्ध हैं।
वहीं टीनएजर्स में साइकिल का बढ़ा क्रेज स्कूलों के वाहनों पर भी पड़ा है। बढ़ते पेट्रोल व डीजल से स्कूल आने-जाने का खर्च बढ़ा तो ज्यादातर अभिभावकों ने भी बच्चों के आवागमन के लिए साइकिल का विकल्प तलाश लिया।
अभिभावक शाह खालिद का कहना है कि उन्होंने बच्चे की डिमांड पर उसकी पसंदीदा रेंजर साइकिल दिला दी। इससे उसका शौक भी हो गया और स्कूल आने-जाने का प्रति माह हजार रुपये खर्च भी बचा है।
युवाओं में जैद, जुनैद, राजीव कुमार, कुलदीप ने बताया कि साइकिल का सफर सुरक्षित है। आज हर वर्ग के लोग इसे सेहत के ख्याल के साथ शौक और फैशन के रूप में इस्तेमाल कर रहे है।
साइकिल से सफर के साथ मस्ती हो जाती है। इसी लिए युवा अब लोकल सफर व कालेज आने जाने में बाइक पर साइकिल को तरजीह दे रहे हैं।