औरैया। नव वर्ष की पूर्व संध्या व वीर विजय हनुमान मंदिर में बुधवार देर शाम भागवत कथा के समापन पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें ओज, हास्य, व्यंग व श्रृंगार के कवियों ने अपनी कविताओं से समा बांध दिया।
मंच पर कवि अजय अंजाम ने भक्ति से जुड़ी मां की महिमा का बखान करते हुए पढ़ा- मां की छांव में रहेंगे तो मिलेगी आन, बान और शान। इस पर तालियों की गूंज शुरू हो गई। इंडियन ऑयल पुलिस चौकी के पास स्थित भागवत पंडाल के मंच पर हुए कवि सम्मेलन का शुभारंभ दिबियापुर नगर पंचायत चेयरमैन राघव मिश्रा, रानू अवस्थी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद कवियत्री रश्मि मनोज अग्निहोत्री की सरस्वती वंदना से कविताओं की शुरुआत हुई।
राष्ट्रीय कवि अजय अंजाम की दहाड़ती शैली में पड़ी गईं कविताओं ने पंडाल में जोश भर दिया। कवि रोहित चौधरी ने जब पढ़ा कि नशा जो तेरे सिर पर है, वो सारा झाड़ दिया होता, तेरी छाती पर चढ़कर खूंटा अगर गाढ़ दिया होता सुनकर श्रोता जोश से भर गए। इसके अलावा निर्मल पांडेय, दिनेश संघर्षी, उमेश द्विवेदी, योगेश दीक्षित, कृष्ण कुमार कृष्णा व आलोक अग्निहोत्री ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस मौके पर परशुराम सेवा समिति के अध्यक्ष राजमणि तिवारी, सत्यनारायण मिश्रा आदि ने कवियों व अतिथियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मोहित सिंह सिकरवार, बीएसए संजीव कुमार, अनिल दीक्षित, रजनीश सिकरवार, हरियोगेश मिश्रा, रमाशंकर पांडेय, कृपानाथ तिवारी,सन्नू तिवारी व नितिन तिवारी आदि मौजूद रहे।