फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: बदले की आग में सगे भाइयों ने की थी किसान की हत्या

Mon, 18 May 2026 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
विज्ञापन
फोटो-17- नंदकिशोर की फाइल फोटो।
विज्ञापन
औरैया। थाना क्षेत्र के ग्राम कल्यानपुर जागू में किसान की हत्या का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। किसान की हत्या गांव के ही दो सगे भाइयों ने मिलकर की थी। बहन के साथ अभद्रता होेने से नाराज भाइयों राजकिशोर और उसके छोटे भाई कुंजबिहारी ने वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन

इस मामले में दोनों ने किसान से बदला देने की योजना काफी समय पहले बनाई थी। पुलिस ने दोनों हत्यारोपी भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्या का खुलासा करते हुए एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि बिधूना कोतवाली के गांव कल्यानपुर जागू निवासी अतर सिंह ने 11 मई को बेटे वीपी सिंह उर्फ नंदकिशोर (35) के लापता होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो उसका शव गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित कुएं से बरामद किया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। रविवार को कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गांव कल्यानपुर जागू निवासी राजकिशोर उर्फ कल्लू और उसके छोटे भाई कुंजबिहारी को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

कड़ाई से पूछताछ में राजकिशोर ने बताया कि 10 मई की शाम करीब छह बजे नंदकिशोर कूड़ा डालने के बाद आम के पेड़ के पास बैठा था। मौका पाकर राजकिशोर ने उसके सिर पर पीछे ईंट से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद राजकिशोर ने अपने सगे छोटे भाई कुंजबिहारी को बुलाया। दोनों ने मिलकर पकड़े जाने के डर से शव के हाथ और पैर रस्सी से बांधे। इसके बाद शव को साइकिल पर रखकर गांव के बाहर सुनसान इलाके में स्थित कुएं में फेंक दिया।
आरोपी ने बताया कि किसी को शक न हो इसलिए उन्होंने कुएं में पड़े शव को बाजरे के अवशेष से ढक दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी सूखी ईंट, मृतक नंदकिशोर का एंड्रॉयड मोबाइल फोन व साइकिल बरामद की है। पूछताछ के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
-
पिता से बोला-आरोपी निपटा दिया... भाई किसी को सच न बता दे इसलिए अपने साथ सुलाता था

- हत्या के बाद बहन को भेजा था रिश्तेदारी में, मामले से अनजान बनकर खुद को थे बचाए
- आम के पेड़ के नीचे बैठने से किया इन्कार, यही झूठ बन गया पुलिस का सबसे बड़ा सुराग

विवेक सिकरवार
औरैया। कल्याणपुर गांव में वीपी सिंह की बेरहमी से की गई हत्या का राज जैसे ही खुला, हर कोई दंग रह गया।
मुख्य आरोपी राजकिशोर ने 10 मई को वारदात को अंजाम देने के बाद 12 मई की सुबह अपने पिता को इसकी जानकारी दी थी, कहा था कि निपटा दिया। इसपर पिता ने उसे डांटते हुए कहा कि खुद निपटो...। इसके तुरंत बाद आरोपी ने बहन को रिश्तेदारी में भेज दिया था। बताया कि हत्या के तीन दिन पहले ही वीपी सिंह ने उसकी बहन से किसी बात को लेकर अभद्रता की थी। इससे वह नाराज था।

वारदात के बाद आरोपी राजकिशोर बुरी तरह डरा हुआ था। उसे डर था कि उसका भाई कुंज बिहारी कहीं डर के मारे किसी के सामने मुंह न खोल दे। यही वजह थी कि राजकिशोर 24 घंटे अपने भाई को साए की तरह साथ रखता था। रात में भी वह भाई को अपने ही पास सुलाता था ताकि वह किसी से अकेले में बात न कर सके। वहीं, दोनों भाई गांव में ऐसे घूम रहे थे, मानो कुछ हुआ ही न हो।
पुलिस के लिए इस हत्या की गुत्थी सुलझाना आसान नहीं था। पुलिस ने शक के आधार पर कुछ ग्रामीणों और संदिग्धों को उठाया। पूछताछ में ग्रामीणों ने एक अहम सुराग दिया कि 10 मई को राजकिशोर और कुंजबिहारी गांव के बाहर आम के पेड़ के नीचे कुछ लोगों के साथ बैठे थे। सबके जाने के बाद भी दोनों वहीं डटे रहे। जब पुलिस ने राजकिशोर से पूछा तो उसने साफ मुकरते हुए कहा कि वह उस दिन आम के पेड़ के नीचे गया ही नहीं था।

ग्रामीणों का बयान और आरोपी का यह साफ इन्कार, बस यहीं से पुलिस का शक और गहरा गया। जब पुलिस ने इस झूठ को ढाल बनाकर दोनों भाइयों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उनके चेहरों की हवाइयां उड़ गईं। एक-एक कर दोनों ने हत्या की पूरी खौफनाक कहानी उगल दी।


शव फेंकने के लिए भाई को बुलाया था
हत्या करने के बाद राजकिशोर ने छोटे भाई को मौके पर बुलाया। इसके बाद वीपी सिंह के शव को साइकिल पर लादा और गांव के ही एक सूखे कुएं में फेंक दिया। बाद में पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई खून से सनी ईंट भी बरामद कर ली है, जिससे वीपी सिंह पर ताबड़तोड़ वार किए गए थे।

फोटो-17- नंदकिशोर की फाइल फोटो।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें