औरैया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने अछल्दा क्षेत्र के चार साल पुराने दुष्कर्म के मामले में दोषी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 1.10 लाख का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में पीड़िता और उसके पिता ने अभियुक्त के पक्ष में गवाही दी थी। लेकिन न्यायालय ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट व अन्य मेडिकल साक्ष्य के आधार पर युवक को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पाक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि अछल्दा थाना क्षेत्र में वादी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि पांच फरवरी की शाम करीब चार बजे वह और उसकी पत्नी घर पर नहीं थे।
15 साल की बेटी घर पर अकेली थी। तभी गांव का गोविंद उर्फ छोटू घर में घुस गया और पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। लड़की के शोर मचाने पर गांव के लोगों ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया। इस पर आरोपी मौके से भाग गया। थाने में दुष्कर्म व पॉक्सो का मामला दर्ज हुआ। विवेचना में चार्जशीट लगने के बाद यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाक्सो की कोर्ट में चला।
सुनवाई के दौरान पीड़िता व वादी पिता ने अभियुक्त को बचाने वाली गवाही देकर पक्षद्रोही की भूमिका अदा की। समझा जाता है कि दोनों पक्षकारों में समझौता हो गया था। लेकिन कोर्ट ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट व अन्य मेडिकल साक्ष्य को गंभीरता से लिया।
जो कि यह स्पष्ट कर रहे थे कि अभियुक्त ने दुष्कर्म किया है। इस पर विशेष न्यायाधीश मनराज सिंह ने गुरुवार को निर्णय सुनाते हुए दोषी गोविंद उर्फ छोटू निवासी गौतला थाना अछल्दा को आजीवन कारावास व एक लाख 10 हजार अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। डीबीए प्रवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार, कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की धनराशि में से आधी पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों व पुनर्वास की पूर्ति के लिए देने का भी आदेश दिया है। सजा पाए युवक छोटू उर्फ गोविंद को जेल भेज दिया गया है।