औरैया। सब्जियों का राजा आलू इस बार खूब इतरा रहा है। फुटकर में 30 रुपये प्रति किलो बिकने पर किसानों और व्यापारियों को को मुनाफा हुआ। कीमतें और बढ़ने की उम्मीद में जिन किसानों ने कोल्ड स्टोर से निकासी नहीं की उन्हें तगड़ा झटका लगा है। आलू की कीमतें आधे से भी नीचे जाने से दोनों वर्ग मायूस हैं। वहीं, कोल्ड स्टोर में भंडारण की मियाद भी खत्म हो चुकी है।
जिले में करीब पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती होती है। इस बार शुरू से ही आलू की कीमतों ने किसानों को राहत दी। बीते सप्ताह तक आलू के दाम आसमान पर रहे। किसानों को 1500 से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल आलू का दाम मिल रहा था। वहीं, फुटकर में कीमत 30 रुपये प्रति किलो तक थी। बोआई के दौरान भी किसानों को अच्छे दाम मिले। कीमतें और बढ़ने के लालच में जिले के करीब 10 हजार किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी ही नहीं की। इसी के चलते अब भी जिले के 17 कोल्ड स्टोरेज में करीब सवा दो लाख बोरी आलू रखा है।
इसी बीच नए आलू की आवक ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। इससे पुराने आलू के रेट धड़ाम हो गए। बीते सप्ताह तक जो आलू दो हजार रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, वह 600 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया। ऐसे में आलू की निकासी न करने वाले किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
दूसरी तरफ कोल्ड स्टोरेज संचालक भी उन्हें नोटिस पर नोटिस दे रहे हैं। शासन की नीति के अनुसार 21 नवंबर को आलू भंडारण की मियाद खत्म हो चुकी है। इसके बाद आलू की निकासी न करने पर कोल्ड स्टोर संचालक आलू विक्रय कर अपने किराये की भरपाई के लिए स्वतंत्र है। अब किसान परेशान हैं लेकिन उन्हें समाधान नजर नहीं आ रहा है।
आलू व्यापारी और जानकारों के अनुसार आलू की कीमतें अभी और गिरने की आशंका है। दरअसल, जिस तेजी से नया आलू बाजार में आ रहा है उससे जल्द ही ज्यादातर घरों में इसकी खपत बढ़ जाएगी। बोआई का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इस कारण कीमतें 300 रुपये प्रति क्विंटल तक भी जा सकती हैं। ऐसा हुआ तो किसानों को आलू छोड़ना ही पड़ेगा। दरअसल आलू का भंडारण शुल्क करीब 220 रुपये प्रति क्विंटल है। 20 रुपये का बारदाना, 10 रुपये की पल्लेदारी और वाहन का किराया जोड़कर करीब 260 रुपये प्रति क्विंटल आलू की कोल्ड स्टोर से निकासी पर खर्च आएगा। हालांकि, अगर अभी आलू बेच देते हैं तो कुछ बचत की उम्मीद है।
एक तरफ मंडी में आलू के दाम तेजी से गिर रहे हैं वहीं, फुटकर विक्रेता इसमें ग्राहकों को राहत नहीं दे रहे हैं। मंडी में आलू की कीमतें भले ही छह रुपये प्रति किलो तक आ पहुंची हैं लेकिन फुटकर में अभी 20 रुपये प्रति किलो में ही आलू मिल रहा है। नया आलू के भाव भी 18 से 20 रुपये प्रति किलो हैं।
- पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में होता है आलू
- 17 है जिले में कोल्ड स्टोरेज
- 1.73 लाख मीट्रिक टन है भंडारण क्षमता
- 1.24 लाख मीट्रिक टन का हुआ था भंडारण
- 1.13 लाख मीट्रिक टन आलू की हो चुकी निकासी
- 11 हजार मीट्रिक टन आलू अब भी स्टोर में रखा
‘कुछ दिनों में ही आलू के एक पैकेट का भाव 700 से 300 रुपये पर आ गया है। छोटे साइज का भाव तो 250 रुपये तक पर आ गया है। ऐसे में किसान आलू उठाने नहीं आ रहे हैं। देरी के साथ ही भाव में और गिरावट होगी। ऐसे में आलू फेंकना ही पड़ेगा।’
- दीवान सिंह, कोल्ड स्टोर संचालक
‘तीन हजार पैकेट आलू कोल्ड स्टोर में रखा है। किसान इसे उठाने ही नहीं आ रहे हैं। 21 नवंबर निकासी की अंतिम तारीख थी। अब शासन स्तर से इसे लेकर मंथन किया जा रहा है। किसानों के पास अभी भी मौका है। यदि देरी हुई तो भाव और गिर जाएगा।’
-रविंद्र सिंह, कोल्ड स्टोर संचालक
उम्मीद थी कि आलू की कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं। ऐसे में महज बोआई के लिए ही आलू उठाया है। भाव बढ़ने की उम्मीद में कोल्ड स्टोर से आलू नहीं उठाया। अब देरी होने के चलते भाव गिर गया है।-सत्यवीर
आलू के 50 किलो के पैकेट का भाव तो 300 रुपये है। लेकिन फुटकर में यही आलू 20 रुपये प्रति किलो है। बिचौलियों की पौबारह है। लेकिन किसानों के लिए यह घाटे का सबब है।-अजय।
जिले के किसानों से लगातार आलू निकासी करने की अपील की जा रही है। करीब 92 प्रतिशत आलू की निकासी हो चुकी है। कीमतें और गिरने की आशंका है। ऐसे में किसान जल्द निकासी कर लें। भंडारण की मियाद के संबंध में शासन से पत्राचार किया गया है। निर्देशों का इंतजार है।
- सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी