रक्षाबंधन पर्व पर मिठाई विक्रेताओं की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ उमड़ी। बालूशाही, रसगुल्ला व सोन पापड़ी तो लोगों की खरीद के मीनू में शामिल था ही, लेकिन घेवर की ज्यादा डिमांड रही।
शहर में शाही घेवर जहां लोगों की पहली पसंद रहा तो वहीं ग्रामीण चुलबुल घेवर के खासे दीवाने दिखे। भाई को रक्षाबंधन पर कुछ खास मिठाई खिलाने को बहनों की खास व्यवस्था रही।
मिठाई व्यवसायी रमाकांत स्वीट हाउस पर घेवर के लिए सुबह से ही खासी भीड़ दिखाई दी। रसगुल्ला, बालूशाही और सोन पापड़ी के साथ त्योहार के उत्साह को दोगुना करने को घेवर की खरीद प्राथमिकता में शामिल दिखा। घेवर की मांग को देख दुकानों पर कारीगर लगातार ताजा घेवर तैयार करते दिखे।
घेवर तैयार कर रहे कारीगर बबलू तिवारी ने शाही घेवर की जानकारी देते हुए बताया कि टेस्टी घेवर को तैयार करने में 20 से 25 मिनट का समय लगता है। इसके लिए गैस भट्टी पर देशी घी में मैदा, दूध व बर्फ का प्रयोग कर शाही घेवर तैयार किया जाता है। बाद इसके घेवर के ऊपर क्रीम युक्त शुद्ध खोए का लेप चढ़ाया जाता है।
मिष्ठान्न व्यवसायी रमाकांत पोरवाल बताते हैं कि उनके यहां शुद्ध देशी घी से निर्मित घेवर तैयार किया जाता है। बताया कि अन्य मिठाइयों की बिक्री तो हुई ही, लेकिन 300 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री को तैयार घेवर की इस बार खासी मांग दिखाई दी।
वहीं शहर की अन्य दुकानों पर चुलबुल घेवर को ग्रामीणों की खासी भीड़ रही। शुद्ध घी से निर्मित शाही घेवर जहां 300 रुपये प्रति किलो बिका तो वहीं रिफाइंड में तैयार किया गया चुलबुल घेवर 180 से 200 रुपये प्रति किलो में बिका। वहीं पर्व पर फैनी की भी खासी बिक्री रही। फैनी बनाने वाले कर्मचारी फैनी तैयार करने में जुटे रहे।
फैनी विक्रेता हैप्पी पोरवाल ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान पर 40 रुपये प्रति किलो थोक की दर रही, जबकि फुटकर में 60 रुपये प्रति किलो फैनी बिकी।
वहीं रक्षाबंधन पर्व पर राखी खरीदने को देर रात तक बाजारों में भीड़ जमा रही। राखी खरीदने को उत्सुक बहनें भाइयों को खुश करने के लिए दुकानों पर सुंदर से सुंदर राखी का चयन करते दिखीं।
वहीं शनिवार को रक्षाबंधन पर्व होने के कारण शुक्रवार देर रात तक बाजार भीड़ से गुलजार दिखाई दिए। इस दौरान दुकानों पर भी जबरदस्त सजावट दिखाई दी।