औरैया/अयाना। जिले में बिना अनुमति के यमुना नदी में चल रहे अवैध मछली के शिकार को लेकर जिला प्रशासन की निगाहें टेढ़ी हो गई हैं। अवैध कारोबारियों द्वारा प्र्रति माह लाखों रुपये राजस्व का नुकसान किए जाने को लेकर शुक्रवार को तहसीलदार सदर ने डीएम के आदेश पर यमुना नदी पहुंचकर अवैध शिकारियों की धरपकड़ को छाप मारे। अधिकारियों के सक्रिय होने की जानकारी होते ही शिकारी वहां से भाग गए।
जिला प्रशासन की ओर से यमुना नदी में मछली पकड़ने के लिए अभी तक टेंडर प्रक्रिया नहीं की जा सकी है। बावजूद इसके मछली शिकारी अवैध रूप से इस काम को धड़ल्ले से अंजाम देने में लगे हुए हैं। इस संबंध में अमर उजाला ने दो अगस्त के अंक में प्रमुखता से इस खबर को प्रकाशित कर अधिकारियों तक हकीकत पहुंचाई। जिस पर उसी दिन डीएम अभिषेक सिंह के आदेश के बाद तहसीलदार सदर राजकुमार ने यमुना नदी पुल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। तहसीलदार ने बताया कि मौके पर दो मछुवारे दो नावों को नदी में चलाते मिले। जिस पर इशारा करके उन्हें बुलाने का प्रयास किया गया। वह वहां से भाग गए। बताया कि मछली पकड़ने के अवैध कारोबारियों पर डीएम साहब के आदेश के बाद सक्रियता से नजर रखी जा रही है।
उधर अयाना थाना क्षेत्र स्थित सेंचुरी में भी अवैध तरीके से मछलियों को पकड़ने का काम जोरों पर है। अवैध मछली कारोबारी अपने इस काम को अंजाम देने के लिए मछुवारों को यमुना नदी में मछलियां पकड़ने के बाद जालौन जिले की सीमा में जाल खींचकर लाने व वहीं पर मछलियां निकालकर डिब्बों में पैक करवाने का काम करवा रहे हैं। इससे जिला प्रशासन को प्रतिमाह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक सेंचुरी क्षेत्र में चल रहे इस अवैध कारोबार में वन विभाग कर्मियों की मिलीभगत बताई जा रही हे। जिसमें सुबह चार बजते ही यहां मछली पकड़ने को अवैध कारोबारी सक्रिय हो जाते हैं। इस संबंध में डीएम अभिषेक सिंह ने संबंधित अधिकारियों को अवैध कारोबारियों को पकड़ने के लिए पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किए हैं।