औरैया। यमुना नदी में बिना अनुमति के धड़ल्ले से मछलियों का शिकार हो रहा है। इससे जिला प्रशासन को प्रति माह लाखों रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अहम बात यह है कि मछली कारोबारी औरैया जिले की सीमा में मछलियाें को पकड़ कर जालौन जिले की सीमा में पहुंचकर डिब्बों में पैक कर अपना काम बेखौफ करने में लगे हुए हैं। बावजूद इसके जिला प्रशासन पूरी तरह से अनजान बना हुआ है। ऐसा नहीं कि संबंधित चौकी पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है। बावजूद इसके मछली कारोबारियों पर इसका कोई खौफ नहीं आ रहा है।
जिला प्रशासन की ओर से अभी तक यमुना नदी में मछलियों को पकड़ने के लिए कोई भी टेंडर प्रक्रिया नहीं की गई है। इसके बाद भी मछलियों के कारोबारी बिना अनुमति के यमुना नदी में मछलियों को पकड़ने के काम को अंजाम देकर लाखों के वारे-न्यारे करने में जुटे हुए हैं। इससे जिला प्रशासन को प्रतिमाह लाखों रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबसे अहम बात यह है कि यमुना नदी के पास ही देवकली चौकी पर पुलिस हमेशा मौजूद रहती है, जो अक्सर पुल की तरफ भी गश्त करने जाती है। पर शिकार धड़ल्ले से जारी है। मछली कारोबारियों ने औरैया जिले में टेंडर न होने की स्थिति में एक बढ़िया तरीका भी निकाला हुआ है। औरैया जिले की सीमा में मछलियों को पकड़वाने के बाद जालौन जिले की शंकरपुर चौकी क्षेत्र में पहुंचकर नदी किनारे पकड़ी गई मछलियों को डिब्बों में पैक कर गंतव्य तक भेजने के काम को अंजाम दिया जाता है, जिससे इस तरह के अधिकारियों की निगाह में आने से बच सके।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि यमुना नदी में मछलियों को पकड़ने के लिए अभी तक कोई भी टेंडर की कार्यवाही नहीं की गई है। बिना अनुमति के यमुना नदी में मछलियों के पकड़ने को लेकर इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।