जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रतिबंध के बावजूद छात्र से मोबाइल पकड़े जाने की घटना ने तूल पकड़ लिया। आरोपी छात्र ने टीचर के अभद्रता कर दी। वहीं साथी के खिलाफ एक्शन होने से विद्यार्थी टीचर के खिलाफ लामबंद हो गए। यही नहीं विद्यार्थियों ने खाना-पीना त्याग दिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंच गई।
इधर विद्यालय प्रशासन ने उक्त घटना को अनुशासनहीनता मानते हुए आरोपी एक छात्र को उसकी मां के साथ एक सप्ताह के लिए घर भेज दिया है। तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान स्कूल में शैक्षणिक कार्य प्रभावित रहा।
शनिवार 22 अगस्त की रात विद्यालय के पीजीटी बायोलाजी टीचर उमेश चंद्र प्रजापति ने रात में हास्टल का निरीक्षण किया।
विद्यालय में मोबाइल लाना प्रतिबंधित होने के बावजूद एक छात्र को मोबाइल के साथ पकड़ा, जबकि एक अन्य छात्र को हास्टल के ऊपरी हिस्से में बनी पानी की टंकी पर बैठकर मोबाइल के साथ पकड़ा। तीन दिन पहले भी पीजीटी फिजिक्स के शिक्षक वीके सचान ने तीन-चार छात्रों को मोबाइल के साथ पकड़ा था।
रविवार की सुबह कक्षा 12 के एक छात्र ने टीचर उमेश चंद्र प्रजापति के घर के दरवाजे से गुजरते हुए गालियां दीं। छात्र की कारस्तानी की शिकायत शिक्षक ने प्राचार्य शबाना सिद्दीकी से की
नवोदय समिति के असिस्टेंट कमिश्नर की संस्तुति पर छात्र पर कार्रवाई की सहमति बन गई। जैसे ही छात्रों के बीच सहपाठी पर कार्रवाई की बात पहुंची। छात्र लामबंद हो गए और दबाव बनाने के लिए सभी छात्र खाना छोड़कर प्रशासनिक भवन के पास बैठ गए। पुलिस को फोन कर बुला लिया गया।
छात्रों ने बताया कि एक दिन पहले ही आरोपी छात्र की मां आकर माफी मांग चुकी हैं। इसके बाद भी छात्र पर कार्रवाई किया जाना गलत है। विद्यालय प्रशासन ने शरारती छात्रों के अभिभावकों को बुलावा भेज दिया।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इसी प्रकार अनुशासन के साथ खिलवाड़ हुआ तो पढ़ाई चौपट हो जाएगी। इस बीच कई छात्राओं ने प्राचार्य कार्यालय में पहुंचकर कुछ शरारती छात्रों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उन पर कार्रवाई की बात कही। कई छात्राओं ने भी कार्रवाई होने तक खाना छोड़ दिया।
प्राचार्य शबाना सिद्दीकी के अनुसार अभिभावकों के आश्वासन एवं छात्रों के माफी मांग लेने पर कई छात्रों को इस बार बख्श दिया गया है। जिस छात्र ने टीचर के दरवाजे पर गालियां दी थीं, उसको एक सप्ताह के लिए उसकी मां के साथ घर भेज दिया गया है
प्राचार्या के अनुसार देर शाम सभी छात्राओं को समझा बुझाकर खाना खिलाया गया। छात्रों ने भी खाना खा लिया है। प्राचार्य शबाना सिद्दीकी ने कहा कि किसी भी दशा में अनुशासन के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।