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आठवें दिन भी 50 शैया से बिना जांच कराएं लौटे मरीज

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फोटो-19एयूआरपी-03 लैब में सीबीसी मशीन को सही करता इंजीनियर विवेक। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। 50 शैया अस्पताल की लैब में लगी सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) मशीन मंगलवार करीब दो बजे के बाद सही हो सकी। इससे जांच कराने आने मरीजों को आठवें दिन भी लौटना पड़ा।
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50 शैया अस्पताल की लैब में लगी सीबीसी मशीन करीब सात दिन से खराब थी। कानपुर से आए दो इंजीनियरों ने सोमवार को मशीन चेक कर स्पेयर खराब होने की बात कही थी। मंगलवार को कानपुर व उन्नाव के तीन इंजीनियर लैब में आए और सीबीसी मशीन को सही करने का प्रयास किया।
इस दौरान ब्लड जांच कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतर मरीजों को बिना जांच कराएं ही लौटना पड़ा। आनेपुर निवासी सुनीता ने बताया कि वह बेटे अभय की मलेरिया की जांच कराने आईं थीं। अस्पताल कर्मियों ने कहा कि अभी मशीन खराब है।
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एक-दो दिन बाद आना। यह सुनते ही वह बेटे की बिना जांच कराएं लौट गईं। वही, सोमवार को सोडियम, पोटैशियम व कैल्शियम की मात्रा की जांच को लगी इलेक्ट्रोलाइट एनालाइजर मशीन भी इंजीनियरों ने सही की। 50 शैया अस्पताल प्रभारी डॉ. सीमा गुप्ता ने बताया कि कानपुर व उन्नाव से आए इंजीनियरों ने सीबीसी की खराब मशीन को चेक किया।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे के बाद सही हो सकी। बुधवार से उसे उपयोग में लाया जाएगा। इलेक्ट्रोलाइट मशीन भी ठीक हो गई है। अब मरीजों को दिक्कत नहीं होगी।
औरैया। शहर के 50 शैया संयुक्त जिला अस्पताल में टिटनेस का इंजेक्शन व एंटी एलर्जी की दवा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों का इलाज होता है। साथ ही ओपीडी में भी 350 से अधिक मरीज आते है।
कभी-कभी यह संख्या बढ़ भी जाती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर मरीजों को टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने को बोलते हैं, पर अस्पताल में इन दिनों टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही यहां पर एंटी एलर्जी की दवा भी उपलब्ध नहीं है। चीफ फार्मासिस्ट सत्यपाल सिंह ने बताया कि टिटनेस इंजेक्शन व एंटी एलर्जी की दवाएं नहीं होने पर शासन को पत्र लिखकर मांग की गई है।
औरैया। शहर के 50 शैया अस्पताल में मंगलवार सुबह इटावा से आया एक किशोर अपने दाएं हाथ में लगे कच्चे प्लास्टर को कटवाने के लिए भटकता रहा। प्लास्टर रूम बंद होने और डाक्टर न होने से वह बिना प्लास्टर कराए ही लौट गया।
इटावा के भरथना में रहने वाले तेरह वर्षीय काव्य शर्मा ने बताया कि 31 मार्च को वह साइकिल से गिर गया था। दाएं हाथ में चोट लगने पर परिजन अजीतमल सीएचसी लाए थे। 50 शैया संयुक्त जिला अस्पताल में तीन अप्रैल को दाएं हाथ में कच्चा प्लास्टर चढ़ाया गया और 15 दिन बाद आने की बात कही। मंगलवार को वह अपने रिश्तेदार संग इटावा से आया और 50 शैया अस्पताल में सुबह करीब 11 बजे प्लास्टर रूम पहुंचा तो वह बंद था। इसके बाद आयुष्मान कक्ष में जाकर कार्ड दिखाया। आयुष्मान कक्ष में भी उसकी कोई मदद नहीं की गई। करीब दो घंटे तक इंतजार करने के बाद जब प्लास्टर रूम नहीं खुला तो वह अपने रिश्तेदार के साथ करीब एक बजे बिना प्लास्टर कटवाएं लौट गया। प्रभारी डॉ. सीमा गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में आर्थो फिजिशियन की तैनाती नहीं है। सीएमएस साहब ही हड्डी के मरीज देखते है। अभी उनकी तबियत खराब है। वह लखनऊ में भर्ती है।
स्पार्किंग से जले तारे, जांचें हुई बाधित
50 शैया अस्पताल का मामला
फोटो-एयूआरपी-17 अस्पताल की जली एमसीबी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। 50 शैया अस्पताल में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्शन कक्ष के बगल में लगे एमसीबी में स्पार्किंग होने से आग लग गई। इससे दवा कांउटर में लगे मरीजों व तीमारदारों में हड़कंप मच गया।
शहर स्थित 50 शैया अस्पताल में मंगलवार को कलेक्शन रूम में मौजूद स्टॉफ मरीजों की सैंपलिंग कर रहे थे। तभी कक्ष के बगल में प्लास्टर रूम के सामने लगे एमसीवी बोर्ड में अचानक स्पार्किंग होने से आग लग गई। कर्मियों ने आग पर काबू पाया और सूचना बिजली कर्मचारी को दी। इस दौरान कलेक्शन, कंप्यूटर कक्ष समेत चार कमरों की लाइट गुल हो गई। सैंपलिंग के लिए मरीजों की भीड़ लगने लगी। कुछ देर बाद कलेक्शन कर्मियों ने सीएमएस कक्ष का उपयोग कर मरीजों की सैंपलिंग शुरू की।
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