औरैया। जिले में डेंगू का प्रकोप थमता नहीं नजर आ रहा है। नौ वर्षीय बालक समेत चार लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं विभागीय अधिकारियों की ओर से डेंगू संक्रमण पर काबू के प्रयास सफल होते नहीं दिख रहे हैं। संक्रमितों को जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर में भर्ती कराया गाय है। हालांकि अधिकारियों ने उनकी हालत सामान्य बताई है। चार डेंगू संक्रमितों में तीन एक ही गांव के हैं। जिससे गांव में हड़कंप मचा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कालेज से एलाइजा सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुईं हैं। जिसमें चार में डेंगू की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी या पीएचसी में जो भी मरीज आते हैं। जिनमें डेंगू के लक्षण पाए जाते हैं। उनकी एलाइजा सैंपल लेकर जांच कराई जाती है। जिनमें संक्रमण मिलता है, उनके परिजनों के सैंपल लेकर भी जांच कराई जाती है। वहीं डेंगू, मलेरिया पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य टीमें लगातार शिविर लगा रही हैं।
बताया कि रविवार को सदर ब्लॉक के भरतपुर निवासी 17 वर्षीय युवक, जौरा निवासी नौ वर्षीय बालक, 25 वर्षीय वर्षीय दो महिलाओं में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिनका कानपुर में उपचार चल रहा है। सीएमओ ने बताया कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए तीन महीने से शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि बीमारियों से बचने के लिए जागरूक रहें और सावधानी बरतें।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि रविवार को बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जौरा, भरतपुर, अयाना, अकबरपुर, सुंदरीपुर समेत छह गांवों में स्वास्थ्य टीमों को भेजा गया था। जहां स्वास्थ्य टीमों ने डेंगू के लक्षण वाले 52 मरीजों के सैंपल लिए, जबकि 300 से अधिक बुखार व अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उपचार किया गया। उन्हें निशुल्क दवाएं भी दी गईं। स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए।
डेंगू की स्थिति एक नजर में
डेंगू के कुल संक्रमित मरीजों की संख्या अब 203 हो गई है। जिसमें सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 24 रह गई है। बतादें कि डेंगू संक्रमण से मरने वालों में दो की पुष्टि विभाग ने की है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण से बचाव के लिए लगातार टीम बनाकर उपचार कर रहा है। अब तक बुखार के 21 हजार 617 मरीजों का उपचार किया गया है। वहीं मलेरिया के 47 मरीज मिले हैं।