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सएचसी के माध्यम े ऑनलाइन होगा आंगनबाड़ ी केंद्रों का डाटा

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औरैया। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का डाटा ऑनलाइन कर उन्हें हाईटेक बनाने की तैयारी चल रही है। जनसेवा केंद्रों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों का सभी डाटा ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने के अंतिम चार दिन में सभी जानकारी जनसेवा केंद्रों के संचालकों को उपलब्ध करानी होगी।
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जिला प्रबंधक जनसेवा केंद्र (सीएससी) आनंद सोनी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच रजिस्टर होते हैं। इसमें छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों और तीन से छह साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और स्कूल न जाने वाले बच्चों का ब्योरा दर्ज होता है। विभाग इन लोगों को पुष्टाहार देता है। नई व्यवस्था के तहत विभाग के अब तक रजिस्टर में दर्ज होने वाला यह डाटा अब ऑनलाइन जनसेवा केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों का समय से सत्यापन कराना है और समय पूरा होने पर उसे लाभार्थी सूची से बाहर करना है। इसी के चलते विभाग ने ऑनलाइन डाटा फीडिंग के आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 800 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जबकि लगभग एक हजार जनसेवा केंद्रों पर डाटा फीडिंग का काम किया जाएगा। हर माह में 25 से 28 तारीख के बीच जनसेवा केंद्रों के संचालकों को आंगनबाड़ी केंद्र संचालिका अपने रजिस्टरों को देंगी। वह इन पांचों रजिस्टर के डाटा को फीड करने का काम करेंगे।
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लाभार्थियों का आधार कार्ड या पहचान पत्र, बच्चों के लिए उसके माता-पिता के अलावा नाना-नानी या फिर दादा-दादी का पहचान पत्र जमा होगा। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को विभाग द्वारा जारी प्रपत्र में परिवार रजिस्टर का क्रमांक भी दर्ज करना होगा। साथ ही मोबाइल नंबर परिवार के किसी भी सदस्य का फीडिंग के लिए जरूरी है। इन चीजों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जनसेवा केंद्र (कामन सर्विस सेंटर) के संचालक को फीडिंग के लिए उपलब्ध कराएंगी।
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