फोटो 25 एयूआरपी 39 आरोपी धर्मेंद्र। स्रोत: ग्रामीण
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औरैया। ऑनलाइन गेमिंग की ठगी में बलरामपुर पुलिस ने सदर कोतवाली के भाऊपुर सरैया के जिस धर्मेंद्र को पकड़ा है, वो जब भी गांव आता था तो हर किसी को अपने रुतबे में लेने की कोशिश करता था।
यही नहीं असेंबली से दिल्ली पार्लियामेंट तक हर काम कराने के लिए वह गांव वालों को झांसा देता था। हालांकि गांव के लोग उसके बहकावे में नहीं आए। पर उन्हें इसकी गतिविधि पर शक तो पहले से था, लेकिन उनके हाथ कोई सुबूत नहीं थे।
गांव के एक युवक के अनुसार के धर्मेंद्र के पिता भरत सिंह की मौत सात माह पहले हुई थी। तब धर्मेंद्र अंतिम संस्कार में आया था। धर्मेंद्र को कंप्यूटर का मास्टर माइंड कहा जाता था। सात साल पहले वह यहां पर कंप्यूटर कोचिंग में छात्रों को प्रशिक्षण भी देता था।
वह अपने दो भाइयों में बड़ा है। उसकी एक बहन शादी के बाद लखनऊ शिफ्ट हो गई। इसी बीच धर्मेंद्र यहां से लखनऊ चला गया और वहीं पर जाकर बस गया। वह अपने गांव कभी कभार ही आता था, लेकिन जब भी आता था तो पूरे तामझाम के साथ आता था। उसकी शान-शौकत को देख गांव के लोग प्रभावित थे और उससे मिलते भी थे।
इस दौरान धर्मेंद्र गांव वालों को नौकरी का झांसा समेत छोट-बड़े कामों को चुटकियों में करवाने का भी दावा करता था। सोमवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों की आशंका हकीकत में बदल गई। गांव से शहर तक उसकी चर्चाएं आम रहीं।
कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि बलरामपुर में आरोपी की गिरफ्तारी होने की जानकारी हुई है। उसके साथियों के बारे में तहकीकात की जा रही है।