औरैया। बुढ़ापे में जीवन यापन के लिए शासन स्तर से वृद्धावस्था पेंशन को लागू किया, लेकिन इसका लाभ लेना वृद्धजन पात्रों के लिए टेढ़ी खीर है। वृद्ध बार-बार ककोर मुख्यालय पहुंचकर विकास भवन में कागजी कोरम पूरा कर रहे हैं। इसके बाद भी आलम यह है कि दो-दो साल से वृद्धजनों को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। आधार कार्ड से लेकर बैंक पासबुक व अन्य कागजात लेकर रोजाना काफी संख्या में वृद्ध विकास भवन के समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के बाहर पहुंच रहे हैं। बाबू इन कागजों को लेकर काम हो जाने का दावा कर देते हैं। माह बीत जाने के बाद फिर से वृद्ध इसी आस में पहुंचते हैं कि पेंशन मिल जाए। कई वृद्धजन तो दो-दो साल से चक्कर लगा रहे हैं। इस सब के बीच दूर-दराज से आने वाले इन जरूरतमंद पात्रों की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। बुढ़ापे के आलम में डगमगाते कदमों के बीच इनका विकास भवन पहुंचना, कितना कष्टदायी है। इसे शायद ही शब्दों में बयां किया जा सकता है। हाथ में कागजों की पाॅलीथिन चेहरे पर मदद की आस इन वृद्धजनों में नजर आती है।
ई-केवाईसी व डीबीटी पूरी, फिर भी नहीं मिल रही पेंशन
फोटो- 23एयूआरपी 05- कृपा देवी। संवाद
दो साल से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है। कई बार ककोर आकर कागजात जमा कर चुके हैं। केवाईसी से लेकर डीबीटी समेत कई काम पूरे कर लिए है, लेकिन फिर भी पेंशन नहीं मिल रही है। बुढ़ापे के आलम में ककोर आना बहुत की पीड़ा दायक है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।’-कृपा देवी निवासी खेरा बिधूना
लगा रहे चक्कर, नहीं मिल रहे पैसे
फोटो-23एयूआरपी 06- छोटेलाल। संवाद
‘डेढ़ साल से चक्कर लगा रहे हैं। बार-बार कागजात दिखाने पर बताया जाता है कि सब कुछ ठीक है, जल्द पेंशन आ जाएगी। बुढ़ापे में वृद्धावस्था पेंशन काफी राहत देती है, लेकिन विकास भवन के चक्कर लगाने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब तो आस भी टूटने लगी है।’
-छोटेलाल निवासी बिरिया औरैया
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वर्जन
समाज कल्याण अधिकारी इंद्रा सिंह को सजग किया गया है। कई मामले संज्ञान में आए हैं। पात्रों को लाभ मिले और वृद्धजनों को भटकना न पड़े इसे लेकर निर्देश दिए गए हैं।
-राम सुमेर गौतम, मुख्य विकास अधिकारी