औरैया। शेरगढ़ घाट स्थित यमुना पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर लगी रोक के बाद मंगलवार को बीएचयू से आई इंजीनियरों की टीम ने पुल की जांच पड़ताल की। इसमें सात व आठ नंबर की बेयरिंग में खामियां पाईं। पुल का अस्तित्व बचाने के लिए बियरिंग बदलने को ही विकल्प माना।
यमुना नदी पुल की जर्जर सड़क, खराब बियरिंग व ज्वाइंटर की समस्या के चलते लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने अक्तूबर 2023 में पुल पर वाहनों के आवागमन का काम शुरू कराया। इससे जुलाई से पुल पर बंद चल रहे आवागमन से लोगों को हो रही परेशानी से राहत मिली, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक चालू नहीं रह सकी। नवंबर में पुल की जांच के दौरान सात नंबर बेयरिंग व ज्वाइंटर में समस्या मिलने पर पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम ने पुल के अस्तित्व पर खतरा बताते हुए डीएम को रिपोर्ट सौंपी।
साथ ही भारी वाहनों के आवागमन को बंद करने की जरूरत बताई। जिलाधिकारी के आदेश के बाद पुल से केवल 30 टन वजन वाले वाहनों को ही निकलने की अनुमति दी गई, लेकिन यह भी ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी। लगभग तीन माह पहले ही पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पुल के भारी वजन सहने की क्षमता पर सवाल खड़े करते हुए भारी वाहनों के आवागमन पर पूर्णतया रोक लगवा दी गई। इसके चलते अब भारी वाहन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होकर फर्राटा भर रहे हैं। इधर पुल की लोड क्षमता को लेकर समय-समय पर पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से पुल का निरीक्षण किया गया। इसमें सात नंबर बेयरिंग में खामी पाई गई।
इधर मंगलवार को बीएचयू से आए आईआईटी प्रोफेसर डॉ.अंजनी कुमार की टीम ने पुल की जांच की। उन्होंने बताया कि सात व आठ नंबर की बेयरिंग में कुछ खामियां है। इसको बदला जाना ही जरूरी है। वहीं उन्होंने पुल के दूसरे छोर पर नीचे उतरकर पुल के खंभे की मजबूती की भी मशीन से जांच की। बताया कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही पीडब्ल्यूडी विभाग को सौंप दी जाएगी। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के एई एसके तिवारी ने बताया कि बीएचयू की टीम ने पुल का निरीक्षण किया है। रिपोर्ट मिलने पर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उनकी ओर से जो दिशा निर्देश दिए जाएंगे उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।