औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम जुआ में झगड़े के दौरान बीच-बचाव करने वाले व्यक्ति की मौत होने पर गैर इरादतन हत्या के एक ही परिवार के तीन दोषियों जिसमें दो भाई व एक भतीजा शामिल है को सात वर्ष की कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से इस मामले में पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 23 मार्च 2008 को वादी आनंद प्रकाश पुत्र कन्हैया लाल निवासी जुआ ने रिपोर्ट लिखाई कि साढ़े तीन बजे उसके भाई धीरज के दरवाजे पर धीरज व गांव के मदन बिहारी पुत्र गोविंद प्रसाद, पवित्र राज उर्फ रिंकू पुत्र मदन बिहारी, साधू प्रसाद पुत्र गोविंद प्रसाद, अंशुल पुत्र साधु प्रसाद के बीच लड़ाई-झगड़ा हो रहा था। इस बीच वादी के पिता कन्हैया लाल मौके पर शोरगुल सुनकर आ गए और बीच-बचाव करने लगे। बीच-बचाव में इन लोगों ने पिता को भी मारा-पीटा। जिससे उनके अंदरुनी चोटें भी आईं और वह मौके पर बेहोश हो गए। बाद में उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्य मदन बिहारी पुत्र गोविंद प्रसाद, साधु प्रसाद पुत्र गोविंद प्रसाद, तथा अंशुल पुत्र साधू प्रसाद निवासी जुआ के विरुद्ध यह मुकदमा जिला सत्र न्यायालय में चला। एक आरोपी पवित्र राज उर्फ रिंकू की मुकदमा के दौरान मृत्यु हो गई। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला जज शिव कुमार ने तीन आरोपियों को गैर इरादतन हत्या धारा 304 (2) का दोषी माना। तीनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष की कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। फैसले के दौरान तीनों के परिजन कोर्ट में मौजूद रहे।