औरैया। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से अब खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योग लगाने वालों को अनुदान दिया जाएगा। पहले ओडीओपी के उद्योगों की स्थापना पर ही अनुदान दिया जाता रहा है। ऐसे में आने वाले समय में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों को काफी बढ़ावा मिलेगा।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योग लगाने वालों को अनुदान दिए जाने की सुविधा शुरू की गई है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के इस कदम से अब खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उद्योग लगाने वालों को लाभ मिल सकेगा। जानकारी देते हुए खाद्य प्रसंस्करण प्रभारी राजीव शुक्ल ने बताया पहले एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) से जुड़े उद्योगों की स्थापना पर ही अनुदान दिया जाता था।
अब खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित सभी उद्योगों की स्थापना पर सरकार की ओर से उद्योग लगाने वालों को अनुदान दिया जाएगा। बताया कि आत्म निर्भर भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में उद्यमियों को 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अनुदान की अधिकतम धनराशि 10 लाख रुपये तक होगी। उद्यमी को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत लगाना होता है।
शेष धनराशि बैंक से लोन के रूप में लेना अनिवार्य है। जिसमें विभाग की ओर से उद्यमी को लोन स्वीकृति करवाने में मदद की जाएगी है। योजना में चल रही इकाइयों के उच्चीकरण के लिए भी अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ एफपीओ (फारमर प्रोडक्शन ऑर्गनाइजेशन), स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां भी ले सकती हैं। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी ककोर या राजकीय फल संरक्षण केंद्र औरैया से संपर्क कर सकते हैं।