संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। प्रदेश सरकार के बजट में सोलर एनर्जी को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला लिया गया है, लेकिन इस क्षेत्र में निवेश की आकांक्षा फिलहाल जिले में पूरी होती नहीं दिख रही। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार किए गए एमओयू में एक भी सोलर एनर्जी से जुड़ा हुआ प्रोजेक्ट शामिल नहीं हो सका है।
राजधानी लखनऊ से लेकर जिले में फरवरी माह के तीसरे सप्ताह में जीबीएस (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) प्रस्तावित है। जिले को इसे लेकर 1250 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला उद्योग केंद्र की ओर से तकरीबन 1012 करोड़ के 107 एमओयू जुटा लिए गए हैं। इसमें एक जिला एक उत्पाद से लेकर स्क्रैब, बोतल बंद पानी, फार्मेसी, पाइप निर्माण, प्लास्टिक उद्योग, मेडिकल व मशीनरी समेत तमाम तरह के उद्योगों की फाइलों तैयार कराई गईं हैं।
इन्हें धरातल पर लाने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद कवायद शुरू हो जानी है, लेकिन इस सब के बावजूद सोलर एनर्जी से जुड़े एक भी उद्योग को लेकर अभी तक एक भी एमओयू सामने नहीं आया है। जिले का दायरा व जनसंख्या के साथ ही बढ़ते उद्योगों को लेकर सोलर एनर्जी के लिए जिला बढ़ा केंद्र हो सकता है। उद्योग लगाए जाने पर बड़े रिस्पांस की उम्मीद भी है, लेकिन फिर भी सोलर एनर्जी के प्रति किसी की कोई दिलचस्पी न दिखाया जाना जिले के विकास के लिए एक चिंता का विषय है।
बोले जिम्मेदार
जिले में अभी तक सोलर एनर्जी को लेकर एक भी एमओयू सामने नहीं आया है। कई उद्यमियों से वार्ता चल रही है। यदि कोई आता है तो उसे भी शामिल किया जाएगा। भविष्य में जिले में सोलर एनर्जी से जुड़े उद्योगों का बड़ा क्षेत्र बन सकता है। फिलहाल उद्यमियों की ओर से दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है।
-अनुराग अग्रहरि, उद्यमी मित्र