फफूंद (औरैया)। थाना क्षेत्र के गांव गुलाबपुर में कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स कराने के बावजूद एक 11 वर्षीय बालिका की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
आखिरी (चौथी) डोज लगने के बाद बालिका की तबीयत बिगड़ गई। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। जानकारी पर विधायक प्रदीप यादव सीएचसी पहुंचे। उन्होंने पैनल से पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
गांव गुलाबपुर निवासी रविंदर सिंह नायक की 11 वर्षीय बेटी गुंजन 15 मई को गांव में घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान कुत्ते ने उसे काट कर जख्मी कर दिया था। परिजन का आरोप है कि घटना के बाद वे गुंजन को दिबियापुर सीएचसी ले गए।
वहां, उसे एंटी रेबीज वैक्सीन की पहली डोज दी गई। इसके बाद तय समय के अनुसार 18 और 22 मई को दूसरी व तीसरी डोज लगाई गई। परिजनों ने बताया कि 29 मई को गुंजन को वैक्सीन की निर्धारित चौथी और आखिरी डोज दी गई थी।
आरोप है कि अस्पताल से घर पहुंचते ही गुंजन की तबीयत अचानक खराब होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां, डॉक्टर ने इलाज किया लेकिन सुधार न होने पर परिजन बालिका को कानपुर निजी अस्पताल ले जा रहे थे।
इसी दौरान में बालिका ने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजन प्रधान दिनेश कुमार के साथ दिबियापुर सीएचसी ले गए। वहां परिजन ने इलाज को लेकर हंगामा काटा और सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद से मामले की शिकायत की। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजन को समझाकर शांत कर दिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी पर दिबियापुर सपा विधायक प्रदीप यादव सीएचसी पहुंचे और परिजन से घटना के बारे में पूछताछ की। इसके बाद विधायक ने एसपी अभिषेक भारती से बात की और जांच कर कार्रवाई की मांग की। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि बालिका को सभी डोज समय सीएचसी में ही लगाई गई थीं। थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
फोटो -40- सीएचसी में मौजूद परिजन। स्रोत ग्रामीण
फोटो -40- सीएचसी में मौजूद परिजन। स्रोत ग्रामीण