औरैया। मंडी समिति में आढ़तियों पर लगने वाले ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने एक सप्ताह के लिए गल्ला मंडी बंद करने की घोषणा की है। व्यापारी नेताओं और गल्ला आढ़तियों ने कहा कि मांग शीघ्र पूरी न होने की दशा में वे आंदोलन को उग्र रूप देंगे।
शनिवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) के जिला पदाधिकारियों और कृषि उत्पादन मंडी के गल्ला आढ़ती व्यापारी मंडल के पदाधिकारियों की बैठक हुई। सभी ने ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क वसूलने का विरोध कर आक्रोश जताया। राष्ट्रीय अध्यक्ष प. श्यामबिहारी मिश्रा से गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवकांत पाठक ने फोन पर वार्ता की। वार्ता के बाद 21 सितंबर से 26 सितंबर के लिए गल्ला मंडी बंद करने का निर्णय लिया गया। अध्यक्ष ने कहा कि ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क से व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जिसका असर किसानों पर भी हो रहा है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई बबलू ने बताया कि जब तक मंडी शुल्क वापस नहीं लिया जाता। तब तक लड़ाई जारी रहेगी। प्रदेश संगठन मंत्री विपिन मित्तल ने कहा कि प्रदेश सरकार एक प्रतिशत मंडी शुल्क लगाने को राजी हो गई है। जबकि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुल्क पूरी तरह माफ करने की मांग कर रहे हैं। गल्ला व्यापार मंडल के महामंत्री जमाली सिंह, नगर अध्यक्ष अमर विश्नोई, जिला महामंत्री स्वतंत्र अग्रवाल, हरमिंदर सिंह, रामकुमार विश्नोई, अनिल पोरवाल आदि व्यापारी मौजूद रहे।