दिबियापुर (औरैया)। बुधवार की शाम मंडी समिति में आढ़त पर टमाटर बेचने के विवाद में दो पक्षों में हुए संघर्ष में घायल किशनपुर के पूर्व प्रधान अनिल बाबा की रविवार को कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। कानपुर में ही शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस एक आरोप को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मंडी समिति में बुधवार की शाम दो पक्षों में संघर्ष हुआ था। इस घटना में किशनपुर के पूर्व प्रधान अनिल बाबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा अनिल बाबा के भाई सुरेंद्र व गेहुचना पुरवा निवासी असू के पूर्व प्रधान संजीव उर्फ कल्लू पुत्र बादशाह एवं वीरेंद्र पुत्र ओमप्रकाश निवासी किशनपुर भी घायल हो गए थे।
अनिल बाबा, सुरेंद्र एवं संजीव को दिबियापुर के नर्सिंग होम में उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया था। अनिल बाबा एवं उनके भाई सुरेंद्र को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संजीव का उपचार कानपुर के ही निजी अस्पताल में चल रहा था। परिजनों ने बताया कि रविवार की शाम पूर्व प्रधान अनिल बाबा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कानपुर में ही पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
इस मामले में अनिल बाबा के भाई सुनील कुमार पुत्र राधेश्याम निवासी किशनपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बुधवार को हिमाचल प्रदेश से एक डीसीएम में टमाटर लाकर मंडी समिति दिबियापुर में आढ़तियों को बेचा था।
शाम को निहाल सिंह पुत्र होरीलाल निवासी हरी सिंह की मड़ैया ने उनके भाई अनिल व सुरेंद्र को धमकी देने लगे कि उनके भाई गब्बर सिंह की आढ़त पर टमाटर क्यों नहीं बेचते। इस पर भाइयों ने कहा कि जो पैसा समय से देगा उसी को टमाटर बेचेंगे।
इसी बात से नाराज होकर निहाल सिंह पुत्र होरीलाल, उसके लड़के दीपक, मंजीत, सीपू, अजय एवं रवि पुत्र महावीर निवासी हरी सिंह की मड़ैया, कपिल पुत्र बालस्टर निवासी सहायल रोड दिबियापुर, सनी पुत्र गुरनारायण निवासी किशनपुर ने उनके भाइयों पर लाठीडंडों एवं कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया था। पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस मामले में एक आरोपी कपिल को पुलिस ने जेल भेज चुकी है।