औरैया। जिले में 52 लाख पौधे रोपे जाने का इस बार लक्ष्य रखा गया है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत पांच जुलाई को वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। सरकारी आंकड़ों में इस दिन वन विभाग ने 23 लाख 99 हजार व अन्य विभागों ने 14 लाख 48 हजार 212 पौधे रोपे। लेकिन फिर किसी ने भी इन पौधों की तरफ ध्यान तक नहीं दिया।
अब इन पौधों को न तो वक्त पर पानी दिया गया और न ही मवेशियों से बचाने के इंतजाम किए गए। कागजों पर ये भले ही जिम्मेदारों को हरे भरे दिख रहे हों। पड़ताल में यह सूखे, मुरझाए और दम तोड़ चुकने वाले हालत में मिले। इलाके को हरा-भरा रखने की कवायद औंधे मुंह है। पौधरोपण के दौरान इन्हें बचाने, देखरेख करने का संकल्प भी दिलाया गया था।
अभियान चलाकर खूब वाहवाही लूटी गई, लेकिन बाद में इनकी ओर पलट कर किसी ने नहीं देखा। अब जिम्मेदार एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। एसडीओ वन विभाग विक्रम सिंह सचान का कहना है कि पचदेवरा क्षेत्र में फॉरेस्ट गार्ड का एक्सीडेंट हो गया है। इसलिए नियमित पानी नहीं डाला जा रहा है। अभी शुरुआत में जो पौधे सूखे नजर आ रहे हैं। वह बाद में देखभाल से हरे हो जाएंगे। जो पौधे खराब हो जायेंगे उन्हें बदल दिया जाऐगा। सभी को रोपे गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी दी गई है।
पचदेवरा के 10 हेक्टेयर में लगे हजारों पौधे सूखे
अजीतमल। वन विभाग द्वारा अजीतमल के पचदेवरा में 10 हेक्टेयर भूमि पर 15 सौ पौधे लगाए जाने थे। पांच जुलाई तक यहां पर एक हजार पौधे रोपे गए। जिले के कई अधिकारियों ने भागीदारी दिखाई और कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया। हकीकत यह है कि यहां पर लगे अधिकांश पेड़ मुर्झाए नजर आए, कुछ को मवेशी चर गए। उधर, मुगल रोड किनारे बने ट्री-गार्ड में 2000 पौधे लगाए गए, जिन्हें समय से पानी नहीं मिले, वो भी सूख गए। वन रेंजर राजकुमार ने बताया कि मुगल रोड किनारे लगे पेड़ों के लिए नगर पंचायत के टैंकर से पानी डलवाया जा रहा है। पचदेवरा की बात पर चुप्पी साध ली।
बटरेंज में घूमते मवेशी, चर गए पौधे
बीहड़ क्षेत्र के बटरेंज में पुलिस प्रशासन ने सैकड़ों की संख्या में पौधे लगाए। इसके बाद यहां घूमने वाले मवेशी कई पौधों को चर गए तो कुछ पानी न मिलने के कारण सूख गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर रोपे गए पौधों को जब बारिश होगी तभी पानी मिलेगा। प्रशासन को चाहिए कि पौधे लगाने के बाद पानी का इंतजाम करें, तभी पौधे संरक्षित हो सकेंगे।
कई जगहों पर पौधे सूखते आए नजर
दिबियापुर। गेल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से जमुहां वन ब्लॉक में मियावाकी पद्धति से डेढ़ लाख पौधों को लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच देखभाल न होने के कारण काफी हद तक पौधे सूख गए। जबकि मैदान में कोई बैरिकेडिंग न होने कारण कई पौधे जानवर भी खा गए हैं। पौधे लगाए जाने के पांच दिन बाद जिम्मेदारों को पौधरोपण स्थल की बैरिकेडिंग करने की सुध आई है। हालांकि जमुहां वन ब्लॉक में पास से गुजरे बंबे से पाइप डालकर कई स्थानों पर पानी डाला गया, लेकिन बीच में काफी जगहों पर पौधे सूखे नजर आए।
बीहड़ के बटरेंज में घूमते मवेशी चर गए पौधे। संवाद- फोटो : AURAIYA
जमुहा में रोपे गए पौधों में बाल्टी से पानी डालता युवक। संवाद- फोटो : AURAIYA