दिबियापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में लापरवाही और अवैध रूप से प्रसव कराने के आरोप में सीएचसी अधीक्षक ने महिला सफाई कर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
उधर, मामले में सीएमओ की ओर से गठित जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर करीब डेढ़ घंटे तक जांच की। आरोपी सफाई कर्मी से पूछताछ भी की गई।
थाना क्षेत्र के गांव लछियामऊ का मजरा मुरली पुरवा निवासी आनंद कुमार अपनी 20 वर्षीय गर्भवती पत्नी सपना को 13 जून की सुबह करीब 10 बजे प्रसव के लिए सीएचसी लेकर आ रहे थे। आरोप है कि अस्पताल के गेट पर ही महिला सफाई कर्मी रेखा ने उन्हें रोक लिया। रेखा ने परिजन को डराया कि अस्पताल के अंदर ऑपरेशन से प्रसव होगा और मोटी रकम खर्च होगी। उसने महज 10 हजार रुपये में सामान्य प्रसव कराने का झांसा दिया और गर्भवती को जबरन अपने घर ले गई।
सफाईकर्मी के घर पर कराए गए प्रसव के दौरान सपना ने एक मृत बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद सपना की हालत बिगड़ गई और अत्यधिक ब्लीडिंग होने के कारण उसकी भी मौत हो गई। आनंद पत्नी को लेकर सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड पहुंचा, जहां डॉ. शिखा राजपूत ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सीएमओ ने एक जांच टीम गठित की।
उधर, शनिवार की शाम डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज कुमार और डॉ. संत कुमार के नेतृत्व में टीम सीएचसी पहुंची। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक मृतका के इलाज और जांच से जुड़े सभी कागजात खंगाले। इसके साथ ही सीएचसी अधीक्षक की ओर से सफाईकर्मी के घर जाकर की गई प्रारंभिक जांच का ब्योरा और संबंधित अभिलेख भी अपने साथ ले गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि अधीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की विभागीय जांच चल रही है। अस्पताल के रिकॉर्ड और प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है, रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. मनोज कुमार, डिप्टी सीएमओ