दिबियापुर। सहायल मोहल्ले में 50 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। हर घर में दो से तीन मरीज चारपाई पर पड़े हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है। शुक्रवार शाम तक विभाग की ओर से कोई भी जिम्मेदार मरीजों की सुध लेने नहीं पहुंचा।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम शुक्रवार दोपहर सहायल गांव पहुंची। महेंद्र कुमार ने बताया कि उनके बेटे सूर्यांश को 17 सितंबर से बुखार था। बेटी जाह्नवी को 20 सितंबर को बुखार आया और 21 सितंबर को डेंगू की पुष्टि हुई। गांव के विभु और रविंद्र में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। मोहल्ले के अन्य कई लोग भी तेज बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीण झोलाछापों से इलाज करा रहे हैं और पांच हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। महेंद्र के बेटे हिमांशु (22) को भी तीन दिन से बुखार है, जिसकी जांच नहीं हुई है। प्लेटलेट्स 41 हजार तक गिर गई हैं और टीएलसी 2400 पर हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक डेंगू के चार मामले सामने आए हैं। मलेरिया के 25 मामले भी दर्ज किए गए हैं। विभाग का दावा है कि इन सभी मरीजों का उपचार किया जा चुका है। हालांकि, सहायल मोहल्ले की जमीनी स्थिति विभाग के दावों से अलग दिख रही है।
सहायल गांव में आशा कार्यकर्ता ममता कुशवाहा की तैनाती है। फिर भी विभाग को गांव फैलते बुखार की जानकारी तक नहीं हो सकी है। अधिकतर प्राइवेट क्लीनिक और नर्सिंग होम में में इलाज करा रहे हैं। हर दिन बीतने के साथ लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है।
यह लोग हैं बीमार
सूर्यांश (8), जानवी (12), सौरभ (27), कन्हैया (17), राजीव कुमार (52), कमलेश्वरी (75), उमा (40), सर्वेश बाजपेई (50), विभु बाजपेई (18), आशु तिवारी (18), रवींद्र (27), हिमांशु (22), रोशनी(18)
वर्जन
सहायल ग्राम पंचायत में बीमारी की सूचना मिली है। शनिवार को जांच व मरीजों का परीक्षण कराया जाएगा। जरूरत के अनुसार दवा का वितरण भी होगा।
-जितेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, सहार सीएचसी