बिधूना। मौसम में उतार-चढ़ाव और उमस भरी गर्मी के बीच वायरल बुखार ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। मंगलवार को सीएचसी में 394 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या वायरल बुखार, जुकाम और खांसी से पीड़ित मरीजों की रही। मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी, पंजीकरण काउंटर, जांच केंद्र और दवा वितरण केंद्र पर भीड़ लगी रही।
ओपीडी में डॉ. सौरभ राजपूत, डॉ. प्रदीप सिंह और डॉ. नीरज सुमन ने मरीजों का परीक्षण कर उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों में पहले जुकाम और खांसी के लक्षण और बाद में बुखार की समस्या सामने आ रही है। अस्पताल में 15 से 20 छोटे बच्चे भी प्रतिदिन बीमारी से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं। लैब टेक्नीशियन देवेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को 150 मरीजों जांच हुई है। इसमें करीब 40 मरीजों की सीबीसी जांच की गई।
वहीं, लैब में डेंगू की नौ मरीजों की जांच की गई, हालांकि रिपोर्ट निगेटिव रही। टाइफाइड की 19 जांचों में दो मरीज पॉजीटिव मिले। डॉक्टरों के मुताबिक वायरल बुखार के साथ प्रतिदिन एक-दो मरीज टाइफाइड से पीड़ित भी सामने आ रहे हैं। उमस और गर्मी के बीच दूषित पानी और खानपान से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि बारिश के समय में मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। तीन- तीन ओपीडी में मरीजों देखा जा रहा है।
मरीज को देखते डॉक्टर। संवाद