भाद्रपद कृष्ण षष्ठी पर भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म दिन हल षष्ठी के रूप में महिलाओं ने आस्था के साथ मनाया। इस मौके पर पुत्रवती महिलाओं ने अपने पुत्रों के दीर्घायु एवं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए व्रत रखा।
सुबह के समय महिलाओं ने पूजा की। बाद में हल चली हुई जमीन में बोया जोता अनाज एवं गाय का घी दूध आदि का सेवन किए बिना पूरे दिन व्रत रखा। व्रती महिलाओं ने बताया कि इस व्रत में पेड़ों के फल, बिना बोया अनाज आदि खाने का विधान है।