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पुत्रों के दीर्घायु के लिए रखा उपवास

Fri, 04 Sep 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला औरैया
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भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम (बलदाऊ) के जन्म दिन को माताओं ने हल छठ के त्योहार के रूप मनाते हुए उपवास रखा। सतनजा, गूलर, महुआ, पसाई चावल आदि से विधि विधान से घरों में पूजा कर माताओं ने अपने पुत्रों की दीर्घायु और उनकी संपन्नता की कामना की।
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सनातन धर्म में बलदाऊ के जन्म दिन को हल छठ के त्योहार के रूप में मनाते हैं। मान्यता है कि इस पर्व पर माताएं गूलर, दूध घास आदि सात हरियाली को घर के आंगन में स्थापित कर सात अनाज, महुआ, पसाई चावल और अन्य पूजन सामग्री से माताओं के पूजा करने से पुत्रों की समृद्धि बढ़ती है।


 
गुरुवार को हल छठ के पर्व पर माताएं घरों में पूजा की तैयारी करती नजर आईं। सुबह से शहर के बाजार पूजन सामग्री से सज गए।


सात हरियाली घास और सतनजा, छोटी चुकरियां, फलों की बड़ी संख्या में लोग खरीददारी करते दिखाई दिए। पूजन सामग्री जुटाने के बाद माताओं ने हल छठ कथा का बखान करते हुए विधि विधान से पूजा अर्चना की। हल छठ पूजा के दौरान माताओं ने पुत्रों की सलामती और उनके वैभवशाली होने की कामना की।
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180 रुपये किलो बिका पसाई चावल- औरैया। हल छठ पर्व पर पूजन सामग्री की आवश्यकता का दुकानदारों ने मौके का जमकर फायदा उठाया।


50 रुपये सैकड़ा बिकने वाली मिट्टी की छोटी चुकरिया 100 रुपये तो अमूमन तालाबों के किनारे घास-फूंस के रूप पाया जाने वाला पसाई चावल 180 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचा गया। बाजार में सतनजा भी और हरियाली घास भी ऊंचे दाम चुकाकर ही खरीददारों को प्राप्त हो सकी।
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