फोटो-44-ओवरब्रिज के लिए बने खड़े पिलर।संवाद
कंचौसी। किसानों को उचित मुआवजा न मिलने के कारण ओवरब्रिज का निर्माण कार्य 2019 से अधर में लटका है।
इससे यहां क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही। मामले में किसानों ने प्राधिकरण में वाद दायर किया था। मुआवजे को लेकर 20 फरवरी को होने वाली सुनवाई में रास्ता निकलने के आसार हैं।
कंचौसी में करोड़ों रुपये की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य 2019 में प्रारंभ किया गया था। सात वर्षों में केवल नौ पिलर बने हैं। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों व अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले के साथ दो वर्ष पहले दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय में बैठक हुई थी।
इसमें किसानों और सेतु निगम के अधिकारियों के बीच ओवरब्रिज निर्माण को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ दिनों बाद किसानों ने मुआवजे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया, इससे काम रोक दिया गया। दोबारा सहमति होने बाद कुछ पिलर और बनाए गए, लेकिन पूरी तरह निमार्ण कार्य नहीं हो सका। बीते चार माह से निमार्ण कार्य बंद है।
किसान नरेंद्र चतुर्वेदी, राजकुमार दुबे, सत्यनारायण दुबे व सुरेंद्र यादव ने बताया कि सेतु निगम के मध्य प्राधिकरण में एक वाद दायर है। उसकी सुनवाई 20 फरवरी को होनी है। इस संबंध में सेतु निगम के इंजीनियर अरविंद सागर ने बताया कि मामले की प्राधिकरण में सुनवाई होनी है। सुनवाई के बाद आगे की योजना बनाई जाएगी।