फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: बहू को जिंदा जलाने का आरोपी परिवार बरी

Thu, 09 Jul 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के 12 साल पुराने विवाहिता संतोष कुमारी की संदिग्ध हालात में जलकर हुई मौत के मामले में सत्र अदालत ने फैसला सुनाया है।
विज्ञापन

अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी पति गिरजेश कुशवाहा, ससुर महावीर सिंह और सास गायत्री देवी को हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों से बरी कर दिया है।



कस्बा के मोहल्ला आर्यनगर निवासी संतोष कुमारी की 16 जून 2014 में जलकर मौत हो गई थी। 19 जून 2014 को मृतका के भाई उमेश कुमार ने पति और सास-ससुर पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराया। आरोप था कि ससुराल वाले संतोष को लगातार परेशान करते थे और उसे जिंदा जला दिया गया।



मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों ने यह साबित किया कि घटना के समय पति गिरजेश और उनके माता-पिता सिरसागंज फिरोजाबाद में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे।
विज्ञापन

घटनास्थल से शादी समारोह की दूरी करीब 100 किलोमीटर थी। मौके पर पहुंची पुलिस और गवाहों ने पाया कि जिस कमरे में महिला का शव मिला, उसका दरवाजा अंदर से बंद था। कमरे के दरवाजे जल चुके थे।

घटना 16 जून 2014 को हुई थी, लेकिन मुकदमा तीन दिन बाद दर्ज कराया गया। अदालत ने इसे वादी पक्ष की सोची-समझी साजिश और संदेहपूर्ण माना। वहीं, अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि मृतका को किस बात के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास और असंगतता पाई गई। स्वयं पुलिस के विवेचक ने भी अपनी रिपोर्ट में तीनों आरोपियों को घटना स्थल पर मौजूद न पाते हुए उन्हें निर्दोष माना था। इससे न्यायालय ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।



-

पेट्रोल पंप पर मारपीट और चेन लूट में पांच को मिली जमानत



औरैया। थाना कुदरकोट क्षेत्र के निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर हुई मारपीट, गाली-गलौज और चेन लूट के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) विकास गोस्वामी की अदालत ने मामले में नामजद पांच अभियुक्तों की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। अदालत ने सभी आरोपियों को 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के जमानतगीर प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।

वादी इंद्रजीत सिंह उर्फ मंजीत कठेरिया ने 15 मार्च 2025 की रात कुदरकोट थाने में तहरीर दी थी। वादी का आरोप था कि वह अपने निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर मौजूद था, तभी अंशुल, हरजेश, ऋषि कुमार, सौरभ, पुल्ले उर्फ शिवांशु समेत अन्य लोग वहां पहुंचे। वादी का आरोप है कि आरोपियों ने पूर्व को जातिसूचक गालियां दीं और तमंचे की बट से मारपीट की।
वादी के गले से 32 ग्राम सोने की चेन लूटने का भी आरोप लगाया गया था। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी निर्दोष हैं और उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया गया है। दोनों पक्षाें की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश अभियुक्तों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।(संवाद)



-

दुष्कर्म के आरोपी की याचिका खारिज



औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में किशोरी को ले जाने, दुष्कर्म करने और जबरन शादी करने के आरोपी की जमानत अर्जी विशेष पॉक्सो अदालत ने खारिज कर दी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 27 मई 2026 को वादी ने तहरीर दी थी कि उसकी बेटी घर से कहीं चली गई है।
जांच में पता चला कि अजीतमल थाना क्षेत्र के गांव प्रेमनगर निवासी रवि कुमार दोहरे उसे अपने साथ ले गया। युवती अपने साथ एक लाख रुपये नकदी और गहने भी ले गई थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने आरोपी रवि कुमार की जमानत याचिका निरस्त कर दी।(संवाद)

-



प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी के मुकदमे में आरोपी दोषमुक्त

औरैया। न्यायालय ने एक फैसले में धोखाधड़ी और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने मामले के वादी के खिलाफ अदालत में मिथ्या साक्ष्य देने के लिए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।



मामला थाना दिबियापुर से जुड़ा था, जिसमें वादी राजबहादुर सिंह ने कोमल सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का आरोप था कि कोमल सिंह ने उसे एक प्लॉट दिखाने के बाद उसे खरीदने के नाम पर वर्ष 2014 में एक लाख रुपये बयाना लिया था। आरोप था कि न तो प्लॉट का बैनामा कराया गया और न ही रुपये वापस किए गए। जब वादी ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपी ने उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया।
सुनवाई के दौरान पूरा मामला तब बदल गया जब मामले के मुख्य गवाह और खुद वादी राजबहादुर अदालत में अपनी ही बात से मुकर गए। विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने आरोपी कोमल सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया। दालत ने डीएम से कहा कि वादी को एससी-एसटी के तहत कोई सरकारी सहायता प्रदान की गई है तो उसे नियमानुसार वसूल किया जाए और इसकी अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाए। (संवाद)

-



एससी-एसटी एक्ट के आरोपी की जमानत

औरैया। सदर कोतवाली में दर्ज मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी की अदालत ने आरोपी अश्वनी कुमार को जमानत दे दी है। वादी रवि ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 25 जनवरी 2026 को जब वह शहर से माऊपुर जा रहा था, तब आरोपी अमन, अश्वनी, सचिन दोहरे और मुन्ना खां ने बाइक से उसका रास्ता रोका
विज्ञापन

। वादी का आरोप था कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसे लात-घूसों से मारा-पीटा। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अश्वनी कुमार की जमानत अर्जी सशर्त स्वीकार कर ली। (संवाद)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें