पेशी के बाद कोर्ट परिसर के बाहर अधिवक्ताओं से बात करते पूर्व विधायक शेखर तिवारी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। पीडब्ल्यूडी इंजीनियर हत्याकांड में 14 सालों से आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक शेखर तिवारी और उसके दो साथियों मनोज व विनय की गैंगस्टर मामले में गुरुवार को कोर्ट में पेशी हुई। इन सभी के खिलाफ इस मामले में गवाही होनी थी, पर गवाह के उपस्थित न होने पर अगली सुनवाई 19 मई तय की गई है।
बसपा सरकार में वर्ष 2008 में हुए पीडब्ल्यूडी इंजीनियर मनोज गुप्ता हत्याकांड में तत्कालीन बसपा विधायक शेखर तिवारी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शेखर के खिलाफ गैंगस्टर का एक मामला औरैया में लंबित चल रहा है।
इसमें गवाही होने पर शेखर, मनोज व विनय को जेल से तलब किया गया था। शेखर को उरई, अन्य को फतेहगढ़ व इटावा जेल से विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर रजत सिन्हा के समक्ष पेश किया गया। गवाह के न आने से उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 19 मई तय की है।