सूखमपुर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए भूमि चिंहित करते अधिकारी। संवाद
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कंचौसी। फफूंद व कंचौसी रेलवे स्टेशन के बीच में सूखमपुर गेट संख्या 6-सी पर ओवरब्रिज के लिए चिह्नित भूमि पर कब्जा करने पहुंचे डीएफसी (डेडीकेडेड फ्रेड कॉरिडोर) के सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर व तहसील अधिकारियों का किसानों ने विरोध किया। किसान पहले जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिस और मुआवजा देने की मांग पर अडिग रहे। विरोध बढ़ता देख अधिकारियों ने कुछ जगह जमीन चिह्नित की, फिर लौट गए।
गुरुवार को डीएफसी सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर डीएस चंमपिया, तहसीलदार जीतेश वर्मा राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर सूखमपुर गेट संख्या 6-सी पर ओवरब्रिज के लिए चिह्नित भूमि पर कब्जा करने पहुंचे। इसकी जानकारी होते ही किसान सुधीर कुमार, राम प्रकाश, उमेश तिवारी, द्रौपती देवी, रमाकांत, अमर सिंह, बलराम, श्रीकृष्ण, धर्मेंद्र सिंह, राम प्रकाश व गंगा राम आदि पहुंचकर विरोध करने लगे।
किसानों ने अधिकारियों से कहा कि उनकी जमीन अधिग्रहीत की गई है, इसके बारे में उन्हें लिखित नोटिस नहीं मिली है। इसके साथ ही किस जमीन का कितना मुआवजा मिलना है, इसकी भी जानकारी नहीं दी जा रही है। जब तक नोटिस न दी जाए और मुआवजे की सही जानकारी न मिले तब तक जमीन अधिग्रहीत न की जाए। किसानों ने इसके लिए लिखित प्रमाण मांगा।
तब डीएफसी अधिकारियों ने किसानों को बताया कि जमीन का सर्किल रेट 57 लाख रुपये हेक्टेयर का चार गुना व बीच में पेड़, सड़क, खडंजा का भुगतान नियमानुसार होगा। तहसीलदार जीतेश वर्मा ने बताया कि कुछ किसानों की जमीन कब्जे में ली गई है। कुछ विरोध कर रहे थे, उन्हें समझाया गया है। ओवरब्रिज निर्माण से पहले किसानों की सभी समस्याओं का समाधान वरिष्ठ आधिकारियों के माध्यम से कराया जाएगा।