फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: ठोंक-पीटकर पुरानी बसों को भी दौड़ाया, फिर भी भटके यात्री

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। सहालग का दौर शुरू हो चुका है। इसके चलते यात्रियों की भीड़ सड़कों पर देखने को मिल रही है, लेकिन लोकसभा चुनाव में बसों के जाने से संचालन व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। भीड़ को देखते हुए विभाग ने खटारा बसों को भी ठोंक-पीटकर रवाना किया। फिर भी पास के मार्गों पर विधिवत संचालन न होने से यात्री घटों भटकते नजर आए।
विज्ञापन

यूं तो रोडवेज डिपो में 72 बसें हैं। इनका विभिन्न रूटों पर संचालन किया जाता है। इस समय होने वाले लोक सभा चुनाव में डिपो की 13 बसों को अन्य जनपदों में भेजा गया है। शेष बची बसों से संचालन हो रहा है। विभागीय अधिकारियों ने राजस्व बढ़ोतरी पर विशेष ध्यान देते हुए दिल्ली, आगरा, लखनऊ आदि लंबे रूटों को ध्यान में रखा। इन पर बसों की संख्या पर्याप्त रखी।
वहीं पास के मार्गों इटावा, रसूलाबाद, कानपुर, उरई, झांसी आदि मार्गों पर कम बसें संचालित की जा रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों द्वारा बसों के चक्कर बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है। 22 अप्रैल को जोरदार सहालग के चलते मंगलवार को यात्रियों की भीड़ रही। सुबह से ही यात्रियों की भीड़ डिपो परिसर में थी। इसे देख पुरानी और खटारा बसों को भी ठोंक-पीटकर विभागीय अधिकारियों ने रवाना किया।
विज्ञापन

इनमें कुछ बसें तो गंतव्य तक पहुंची, लेकिन कुछ बसों के बीच रास्ते में बंद होने की जानकारी भी कार्यालय पहुंची। दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे कानपुर, झांसी, उरई, रसूलाबाद जाने के लिए यात्री भटकते दिखे। रसूलाबाद जाने वाले यात्रियों को डेढ़ बजे बस रवाना होने की जानकारी दी गई। इसके चलते तपती टिनशेड के नीचे बैठकर यात्रियों ने बस जाने का इंतजार किया।
अन्य स्थानों पर जाने के लिए यात्री भटकते दिखे। यात्रीगण इस तपती गर्मी में दिन भर परेशान होते देखे गए। वैवाहिक कार्यक्रमों के चलते लोग रिश्तेदारी में विवाह में शामिल होने के लिए बच्चों व महिलाओं के साथ जा रहे हैं, लेकिन जब वह बस स्टैंड पहुंचे तो वहां पता चला कि जहां उन्हें जाना है वहां के लिए बस ही उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण उन्हें अन्य डिपो की बस आने का इंतजार करना पड़ा।
-
हाईवे और डिपो दोनों जगह से नहीं मिली बस
फोटो23एयूआरपी 27- दीपक
झांसी जाने के लिए वाहन के इंतजार में खड़े दीपक ने बताया कि वह कानपुर देहात से आया है। ढ़ाई घंटे से अधिक का समय बीच चुका है। न तो हाईवे पर बस मिली और न ही डिपो से बस मिल रही है।


फोटो23एयूआरपी 28- कैलाश बाबू
दिबियापुर से उरई जाने के लिए लगभग ढ़ाई घंटे से परिवार समेत बैठे कैलाश बाबू ने बताया कि पूछताछ कक्ष में कोई नहीं था। वहां बैठे किसी ने झांसी डिपो की बस आने की जानकारी दी है। गर्मी से सभी का बुरा हाल है।
विज्ञापन

वर्जन बाकि है::::::::::::::::::::
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें