औरैया। जिले के 33 परिषदीय स्कूल ऐसे हैं, जिनके ऊपर व परिसर से बिजली के झूलते तार निकले हैं। ये तार कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। तेज हवाएं चलने पर तारों से स्पार्किंग होती है, बारिश होते ही खतरा बढ़ जाता है।
मानसून आने वाला है, ऐसे में स्कूलों में बारिश से जलभराव होगा तो खतरा और बढ़ जाएगा। यहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को हर वक्त चिंता सताती रहती है। इसके लिए स्कूल के प्रधानाचार्यों ने पत्राचार भी किया था। वहीं शासन ने ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर 23 अप्रैल तक तार हटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिले स्तर पर इस पर ठोस पहल नहीं की गई।
यहीं कारण रहा कि आज भी स्कूलों से तार व ट्रांसफार्मर नहीं हटाए जा सके हैं। अब एक बार फिर बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने ऐसे स्कूलों को चिह्नित कर तार व ट्रांसफार्मर हटवाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
जिला समन्वयक निर्माण मयंक ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से गूगल शीट के माध्यम से ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आते ही शासन को अवगत कराया जाएगा। साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई करवाई जाएगी।
केस-01
अजीतल ब्लाक के शाहपुर-लालपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय परिसर से एचटी लाइन होकर गुजरी है। परिसर में ही विद्युत पोल लगाकर ट्रांसफार्मर रखा गया है। यहां पढ़ने वाले 207 बच्चे परिसर में बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक नगेंद्र सिंह ने बताया कि ऊपर से गुजरी लाइन हर वक्त खतरे का आभास कराती रहती है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है।
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केस-02
सहार ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पुर्वा खुतेमदारी में 90 बच्चे पंजीकृत है। इस स्कूल के परिसर से होकर गुजरी विद्युत लाइन से हर वक्त खतरा बना रहता है। तार भी काफी नीचे हैं, तेज हवा चलते ही स्पार्किंग होती है। प्रधानाध्यापक आशीष कुमार ने बताया कि इस समस्या के लिए कई बार शिकायत की जा चुकी है, पर अभी तक बिजली विभाग ने तार नहीं हटवाए।
बोले अभिभावक
पुर्वा खुतेमदारी की संजू देवी पत्नी मुकेश ने बताया कि उनके चार बच्चे स्कूल में पढ़ने जाते है। स्कूल से निकले बिजली के तार को लेकर हर वक्त भय बना रहता है। जब तक बच्चे स्कूल से नहीं आ जाते हैंछ तब तक सुकून नहीं मिलता। अन्य स्कूल दूर हैं, इसलिए मजबूरन बच्चों को यहां पढ़ने के लिए भेजना पड़ रहा है।
शाहपुर के तेज सिंह का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे हर वक्त खतरे के बीच पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग इस ओर गंभीर नहीं दिखा रहा है। प्रशासन चाहे तो एक दिन में तार व ट्रांसफार्मर हटवाए जा सकते हैं, लेकिन लगता है कि हादसे का इंतजार किया जा रहा है।
पुर्वा खुतेमदारी स्कूल से निकली लाइन दिखाते बच्चे व शिक्षक। संवाद- फोटो : AURAIYA
तेज सिंह- फोटो : AURAIYA
संजू देवी- फोटो : AURAIYA